नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक अभिनंदन और स्वागत है। मेरठ शहर से समाजवादी पार्टी के विधायक रफीक अंसारी के लिए सोमवार का दिन बुरा साबित हुआ। एक काफी पुराने केस में मेरठ पुलिस ने अदालत के आदेश पर विधायक की तलाश कर रही थी।
बताया जा रहा है कि लखनऊ से मेरठ आ रहे विधायक रफीक अंसारी को बाराबंकी पहुंचते ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शाम तक मेरठ पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला…
सपा विधायक रफीक अंसारी को मेरठ पुलिस को ढूंढ़े रही है, लेकिन विधायक अचानक से गायब हो गए। मेरठ प्रशासन को हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी और NBW नोटिस जारी होने के बाद भी विधायक अदालत में पेश नहीं हुए।
वहीं मेरठ पुलिस ने कोर्ट के सख्त आदेश के बाद विधायक को गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित कर दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1995 के मामले में मेरठ के शहर सपा विधायक रफीक अंसारी को राहत देने से इनकार कर दिया। विधायक की NBW के आदेश के खिलाफ की गई याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। कोर्ट ने याचिका को इसलिए खारिज किया था। सपा नेता के खिलाफ 1997 से 2015 के बीच 100 ज्यादा गैर-जमानती वारंट जारी हुए थे। इसके बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए।
जारी हो चुके थे 101 वारंट जारी
इस मामले में उपरोक्त धाराओं के तहत अपराध के लिए 35-40 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सितंबर 1995 में एफआईआर दर्ज की गई। जांच पूरी होने के बाद 22 आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ पहला आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।
आवेदक अंसारी के खिलाफ एक और पूरक आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया, जिस पर संबंधित अदालत ने अगस्त 1997 में संज्ञान लिया। सपा विधायक रफीक अंसारी को 12 दिसंबर 1997 को गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। धारा 82 सीआरपीसी के तहत 101 गैर-जमानती वारंट हुए और प्रक्रियाओं के बावजूद, आवेदक अदालत के सामने पेश नहीं हुआ।
BIG BREAKING: मेरठ से सपा विधायक रफीक अंसारी गिरफ्तार, जानिए इस केस में हुआ बड़ा एक्शन

