Friday, March 6, 2026
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सोतीगंज का मोदी ने किया जिक्र, पुलिस और हो गई सख्त

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एनसीआर के बदनाम बाजार सोतीगंज का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शाहजहांपुर की रैली में करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय प्रशासन की पीठ थपथपाते हुए इसे बड़ी उपलब्धि बताई है। प्रधानमंत्री के उत्साहवर्धन से पुलिस बल और ऊर्जावान हो गई है। पुलिस ने ऐलान किया है कि जब तक सभी कबाड़ियों की फाइलें सत्यापित नहीं हो जाएंगी तब तक बाजार नहीं खुलने दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाहजहांपुर में शनिवार को एक रैली में सोतीगंज का जिक्र किया। यह बाजार कई दशकों तक चोरी की गाड़ियों को काटने के लिए कुख्यात था। इस बाजार में दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से चोरी की गई कारों को लाया जाता था। इसके बाद इसे काट कर उसके पार्ट्स को बेच दिया जाता था, लेकिन जून से एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने इस गलत धंधे पर लगाम लगा दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि देश में कहीं भी गाड़ी की चोरी होती थी तो वो कटने के लिए मेरठ के सोतीगंज आती थी। दशकों से ऐसा ही चला आ रहा था। ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने के लिए सरकारों के पास हिम्मत नहीं थी, लेकिन ये काम दमदार योगी की सरकार और स्थानीय प्रशासन ने किया। सोतीगंज बाजार में चोरी के वाहन को काटने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में कुख्यात थी।

इस साल कबाड़ी आदिल के यहां पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई कर करोड़ों की संपत्ति जब्त की थी। भारी पुलिस बल के बीच पुलिस ने उसका सारा सामान जब्त कर लिया था। सोतीगंज के शातिर कबाड़ी हाजी नईम उर्फ गल्ला के बाद पुलिस ने कई कबाड़ियों की संपत्ति की लिस्ट तैयार की। चोरी के वाहन काटने वाले इन कबाड़ियों की बेनामी संपत्ति पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त किया।

सोतीगंज के प्रमुख कबाड़ियों में हाजी गल्ला, हाजी इकबाल, हाजी आफताब, मुस्ताक, मन्नू उर्फ मईनुद्दीन, हाजी मोहसिन, सलमान उर्फ शेर, राहुल काला, सलाउद्दीन के नाम शामिल थे। इन कबाड़ियों के खिलाफ 2,500 से अधिक केस दर्ज हैं। कई के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज हैं।

बता दें कि 50 हजार का इनामी और कुर्की वारंट जारी होते ही गल्ला ने अपने चारों बेटों के साथ सात अक्टूबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि बदनाम कबाड़ियों की 30 से 40 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने के बाद जब्त हो चुकी है। 30 से अधिक लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है।

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बाजार बंद के आदेश नहीं, धारा 91 बन गई ढाल

40 साल से चोरी के वाहनों को काट कर बेचने का काला धंधा चला आ रहा है और पुलिस खामोश रही है, लेकिन इस बार एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पहले शातिर और धन्ना सेठ कबाड़ियों के खिलाफ गैंगस्टर लगाकर 30 से 40 करोड़ तक की संपत्ति कुर्क करवाई और अब धारा 91 का सहारा लेकर सोतीगंज का बाजार बंद करवा दिया है।

पुलिस की इस कार्रवाई बदनाम धंधे में लगे लोगों के साथ साथ उनके पनाहगार भी परेशान हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन साफ कह रहा है कि बाजार बंद करने के आदेश नहीं दिये गए हैं, लेकिन धारा 91 में पुलिस साक्ष्य जुटाने के लिये बाजार बंद करवा सकती है।

धारा-91 सीआरपीसी की कार्रवाई का अधिकार पुलिस के पास होता है। जांच पड़ताल के दौरान साक्ष्य जुटाने के लिये दुकान बंद कराई जा सकती है। पुलिस इस धारा के तहत एक समन लिखित में दुकानदार को भेजती है। समन के जरिए बेचे जा रहे सामान का विवरण मांगा जाता है। विवरण उपलब्ध न कराने तक अधिकारी दुकान या गोदाम बंद करा सकते हैं। सोतीगंज में वाहन कटान का पहला मामला साल 1982 में सामने आया था।

जिसके बाद से सोतीगंज में लगातार छह राज्यों यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड व राजस्थान से चोरी व लूटे गए वाहनों का चोरी-छिपे अवैध रूप से कटान किया जा रहा है। सोतीगंज बाजार में चोरी के वाहनों की कटान कर उनके हिस्सों, पुर्जों व उपकरणों को बेचा जा रहा था। हालांकि पुलिस की सख्ती के बाद वाहन कटान करने के बाद पुर्जों को सोतीगंज से पंजाब भेजा जा रहा था।

इसमें हाजी गल्ला, राहुल काला, मन्नू कबाड़ी, इकबाल, आदिल आदि दर्जनों शातिर कबाड़ी है। जिनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे कायम है और इनको थाना पुलिस का लंबे समय से संरक्षण मिलता रहा है तभी मेरठ में सदर थाने की पोस्टिंग के लिये दारोगा और इंस्पेक्टर हर शर्त मानने को तैयार हो जाते हैं।

एक मोटी रकम इन कबाड़ियों के द्वारा थाना पुलिस और प्रभावशाली लोगों को दिये जाने से यह धंधा जोरों पर पनपता रहा। छह दिन से सोतीगंज बाजार बंद चल रहा है और व्यापारियों ने लालकुर्ती और सदर थाने में जीएसटी और इनकम टैक्स से संबंधित फाइलें भेजनी शुरू कर दी है। पुलिस इनकी जांच पड़ताल करके सही पाये जाने पर दुकानें खोलने की अनुमति दे देगी।

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