- 250 से अधिक लोग जमा करा चुके हैं पूरी धनराशि
- 500 के करीब हैं मकान सेक्टर पांच जागृति विहार एक्सटेंशन में
- मकानों के दरवाजे और खिड़कियां तक ले जा रहे चोर
- आवास विकास व किसानों के बीच रार में फंसे आवंटी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एक आम इंसान अपनी पाई पाई जमा करता है और अपना एक घर बनाने का सपना देखता है। हर कोई चाहता है कि उसका अपना मकान शहर में हो, जिसमें वह आराम से रह सके। यहां आवास विकास की स्कीम 11 जागृति विहार एक्सटेंशन के सेक्टर 11 में भी कुछ लोगों ने मकान लेने का सपना देखा।
इसके लिये उन्होंने अपनी मेहनत से जमा की गई राशि को आवास विकास को सौंप दिया, लेकिन अफसोस धनराशि देने के सालों बाद भी उन्हें अपना मकान नहीं मिल पाया है। यहां 250 से अधिक ऐसे आवंटी हैं जो आवास विकास की सभी शर्ते पूरी कर चुके हैं, लेकिन आवास विकास ने उन्हें कुछ नहीं दिया। कब्जा लेटर तो दिया, लेकिन कब्जा नहीं मिल पाया है, जिसे लेकर आवंटी परेशान हैं और दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
जागृति विहार एक्सटेशन में आवास विकास की ओर से सेक्टर 5 में 63 मीटर और 75 मीटर के मकान बनाये थे। यहां आवास विकास की ओर से आवंटन प्रक्रिया भी करीब दो साल पहले शुरू की गई थी। सेक्टर पांच में करीब 500 के आस पास मकान हैं और इन सभी का आवास विकास आवंटन प्रक्रिया पूरी कर चुका है।
इसी योजना में 63 मीटर का मकान लेने वाले आवंटी सुशील कुमार ने बताया कि उन्होंने भी यहां 63 मीटर का मकान आवास विकास योजना में लिया। इसके लिये उन्हें शुरू में 99 हजार रुपये जमा करने पड़े थे। आवंटन होने के बाद उन्होंने अगली प्रक्रिया में आवास विकास को कुल राशि की 30 प्रतिशत राशि और जमा कराई, जिसके बाद आवास विकास ने उन्हें कब्जा लेटर दिया। लेकिन अफसोस इस बात का है कि कब्जा लेटर मिले भी सालभर से अधिक समय हो चुका है लेकिन यह आवंटी आज तक अपनी ही मकान पर कब्जा नहीं ले पाया है।
अब तक लाखों कमा गया आवास विकास
पीड़ित ने बताया कि इस सेक्टर में करीब 500 के आस पास मकान है। सभी मकानों का आवंटन हो चुका है और ज्यादातर मकानों में लोग शर्त के अनुसार 30 प्रतिशत की धनराशि भी जमा करा चुके हैं। सुशील कुमार ने बताया कि जो प्रक्रिया आवास विकास की थी। उनकी ओर से वह सभी पूरी कर ली गई, लेकिन अभी तक आवास विकास ने उन्हें अपने ही मकानों पर कब्जा नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि सभी लोग अपनी धनराशि जमा करा चुके हैं और आवास विकास उन्हें केवल कब्जा लेटर ही देकर रह गया है। ऐसे में आवास विकास को तो धनराशि का लाभ पहुंचा, लेकिन जो लोग एक मकान का सपना देख रहे हैं। वह आज भी बिना घर के ही घूम रहे हैं। जबकि लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई इन मकानों में लगा रखी है।
दरवाजे-खिड़कियां तक हो रहे चोरी
मकानों की खिड़कियां और दरवाजों तक को असामाजिक किस्म के लोग चुरा ले जा रहे हैं। कई बार इस संबंध में मेडिकल पुलिस तक को अवगत कराया गया है, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जल्द ही आवास विकास ने यहां आवंटियों की समस्या का हल नहीं निकाला तो लोग यहां बर्बाद हो जायेंगे।
मेहनत की कमाई डूब जायेगी और इसके लिये आवास विकास पूरी तरह से जिम्मेदार होगा। आवास विकास और किसानों के बीच चल रहे विवाद के कारण आवंटी बीच में फंसे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती। किसी को कब्जा नहीं लेने देंगे। उधर, आवास विकास ने किसानों की मांगों को मुख्यालय भेज रखा है। जिस पर अभी तक कोई नतीजा निकलकर सामने नहीं आया हैं।

