- इस माह वेस्ट यूपी में दो चार दिन ही बरसेंगे बदरा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मानसून की विदाई बेला है, लेकिन इसके बावजूद वो बरस नहीं रहा। मेरठ में पूरा मानसून लगभग सूखा ही गुजर गया। कई बार काले बादलों ने आसमान में डेरा जरुर डाला, लेकिन यह हर बार ही तरसा कर चले गए। अब मानसून अपने अन्तिम दौर में है, लेकिन जाते-जाते भी मानसून पूरब के इलाके पर मेहरबान दिख रहा है।
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार हालांकि जाता हुआ मानसून एक बार फिर से पूरब पर मेहरबान दिख रहा है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दो से चार दिनों तक ही बारिश के आसार हैं। पूरवी क्षेत्र के कुल 14 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जिनमें लखनऊ, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, संतकबीर नगर, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, सोनभद्र व चंदौली जिले शामिल हैं।
उधर, पश्चिम के हिस्से में अगस्त और सितम्बर माह में भी सूखा ही आया है। मेरठ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग 10 जिलों में सितम्बर माह में दो से चार दिन ही बारिश होने की संभावना है। इस बार मानसून आने से पूर्व उसकी रफ्तार को देखते हुए 600 मिमी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई थी, लेकिन हुई सिर्फ 343 मिमी। अब सारे अनुमानोें के आधार पर फिर यही कहा जा रहा है कि इस बार सितम्बर में सामान्य के मुकाबले 11 प्रतिशत अधिक बारिश होगी।
सूखे का होगा सर्वे, लगान नहीं वसूलेगी सरकार
उत्तर प्रदेश में कम बारिश वाले जिलों में सूखे के हालात हैं और इससे निपटने के लिए सरकार ने संबधित जिलों में सूखे का सर्वे कराने का फैसला किया है। मानसून शुरु होने से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश में लगभग 44 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मेरठ सहित सभी 75 जिलोें में टीमें बनाकर सूखे का सर्वे किया जाएगा और सभी टीमें अपनी अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह में तैयार कर जिलाधिकारी को देंगी।

उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को यह भी निर्देश दिए कि जिन जिलों में औसत से कम बारिश हुई है और सूखे के आसार हैं तो उन प्रभावित जिलों से लगान न वसूला जाए। यूपी के 33 जिले ऐसे हैं, जहां इस बार 40 से 60 प्रतिशत ही बारिश दर्ज की गई है जबकि 19 जिले ऐसे हैं जहां 40 प्रतिशत से भी कम बारिश दर्ज हुई है।
कम बारिश वाले टॉप पांच शहर
हापुड़ 23 प्रतिशत
बुलन्दशहर 38 प्रतिशत
मुजफ्फरनगर 41 प्रतिशत
सहारनपुर 51 प्रतिशत
मेरठ 53 प्रतिशत
तापमान तोड़ रहा रिकॉर्ड
मोदीपुरम: गर्मी से राहत नहीं मिल रही और दिन का तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच अभी शहरवासियों को राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों की माने तापमान में उतार-चढ़ाव के दौर बना रहेगा। अन्य दिनों की अपेक्षा बुधवार का दिन भी सबसे गर्म दिखाई दिया सुबह से ही तापमान बढ़ता चला गया और शांत गर्मी से राहत नहीं मिली।

उमस और गर्मी के बीच लगातार मौसम बदल रहा है। मौसम में आ रहे परिवर्तन के कारण तापमान अभी कम होता नहीं दिख रहा है। सामान्य से ऊपर चल रहा तापमान गर्मी को बढ़ा रहा है। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन अभी अच्छी बारिश के आसान नहीं है और तापमान भी ऐसे ही बना रहेगा।

