नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।सनातन धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन मां दुर्गा की उपासना को समर्पित होता है। हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यह शुभ दिन आता है। इस दिन भक्त मां दुर्गा का पूजन एवं व्रत करते हैं, जिससे उनकी कृपा प्राप्त होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखने और विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं। देवी दुर्गा की कृपा से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और आर्थिक बाधाएं समाप्त हो जाती हैं। इस माह में दुर्गाष्टमी व्रत की सही तिथि को लेकर कुछ लोगों में भ्रम हो सकता है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि इस बार 5 फरवरी की देर रात 2:30 बजे प्रारंभ होकर 6 फरवरी की रात 12:35 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत 5 फरवरी को रखा जाएगा। तो चलिए जानते है पूजन विधि व्रत एवं नियम के बारे में…
पूजन विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल को शुद्ध कर मां दुर्गा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें और लाल वस्त्र से सजाएँ।
- मां दुर्गा को गंगाजल से स्नान कराकर, पुष्प, चंदन, रोली, सिंदूर आदि अर्पित करें।
- फल, मिठाई एवं अन्य भोग सामग्री अर्पित करें।
- मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें और उनकी कथा का पाठ करें।
- आरती के पश्चात कन्या पूजन कर उन्हें भोजन और दान देना शुभ माना जाता है।
व्रत एवं नियम
- इस दिन उपवास रखकर सात्विक भोजन ग्रहण करें।
- जरूरतमंदों को दान करें एवं सदाचार का पालन करें।
- मांसाहार और नशे से परहेज करें।
- लाल रंग के वस्त्र धारण करने से बचें।
- असत्य न बोलें और किसी के प्रति द्वेष न रखें।
- बड़ों का सम्मान करें और विनम्रता बनाए रखें।
- मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है तथा माता दुर्गा की कृपा सदैव बनी रहती है।

