- जनपद में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत अब तक हो चुके 1100 पंजीकरण
- दो साल पहले शुरू की गई अभ्युदय योजना के मिले सकारात्मक परिणाम, मेरठ रहा है दूसरे स्थान पर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत दो वर्ष से चलाई जा रही निशुल्क कोचिंग से मेरठ जनपद से जुड़े करीब तीन हजार परीक्षाथियों में से सैकड़ों ने अपना कॅरियर बनाया है। इसी सफलता को देखते हुए जहां शासन स्तर से इसके स्वरूप में कई सुधारात्मक बदलाव किए गए हैं वही छात्र-छात्राओं का एक बड़ा वर्ग इस निशुल्क कोचिंग के माध्यम से आईएएस पीसीएस समेत विभिन्न परीक्षाओं को क्वालीफाई करने के सपने संजो रहा है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील सिंह बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में संचालित इस योजना के माध्यम से कोचिंग के साथ-साथ के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। यह मार्गदर्शन विभिन्न अनुभवी अफसरों के माध्यम से आॅफलाइन कक्षा में दिया जाएगा। आईएएस, पीसीएस परीक्षाओं के लिए मेरठ जनपद में भी अनुभवी आईएएस, पीसीएस अधिकारी को जोड़ा गया है और एनडीए के लिए सैनिक स्कूल के अनुभवी अधिकारी मार्गदर्शन लेने की तैयारी है।
इस योजना के अंतर्गत विषय के विशेषज्ञ को गेस्ट फैकल्टी के तौर पर बुलाया जाएगा। आधिकारिक वेबसाइट पर क्वेश्चन बैंक तथा अन्य संबंधित विषयों की डिटेल उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत उच्च स्तरीय कोचिंग संस्थानों के स्टडी मैटेरियल भी उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में प्रभारी यूपीएससी भूपेंद्र तोमर का कहना है कि अभी तक जिन 1100 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है उनमें दो तिहाई से अधिक यूपीएससी की परीक्षा के संबंध में कोचिंग लेने के इच्छुक हैं।
इससे यही संकेत मिलते हैं कि अभ्युदय योजना के माध्यम से कोचिंग लेकर अधिकांश युवा आईएएस पीसीएस अधिकारी बनने के सपने संजो रहे हैं। शेष में सेना के अधिकारी, इंजीनियर डॉक्टर समेत विभिन्न परीक्षाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब तक दो वर्षों में करीब 3000 छात्र छात्राओं को कोचिंग दी गई है। इस बार इसे और बेहतर रूप में शुरू करने की योजना है।

जिसके अंतर्गत मेरठ जनपद को प्रदेश में पहला स्थान मिले इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। पिछले दो वर्षों में अभ्युदय योजना के अंतर्गत वाराणसी पहले स्थान पर रहा है जबकि मेरठ को दूसरा स्थान मिला है। आकांक्षा सिवाच की सीडीएस में आॅल इंडिया में छठी रैंक रही है। इसके अलावा सैकड़ों बच्चों ने विभिन्न परीक्षाओं में क्वालीफाई किया है। इस योजना से 18 फैकल्टी अपनी सेवा दे रहे हैं।
डीएम दीपक मीणा और सीडीओ शशांक चौधरी के दिशा निर्देश में अब दिल्ली से कुछ और विशेषज्ञों को जोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना प्रदेश के युवाओं के लिए वरदान साबित होगी। इस बार करीब 80 हजार पम्पलेट जिले भर में बंटवाए गए हैं। स्कूल-कालेज में व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया गया है। उन्होंने बताया कि अप्रैल में चयन प्रक्रिया के बाद करीब 2000 छात्र-छात्राओं को कोचिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।
पंजीकरण की तिथि 15 अप्रैल तक बधाई
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजनान्तर्गत आगामी सत्र 2023-24 में विभिन्न कोर्सों जैसे नीट, जेईई, एनडीए, सीडीएस, यूपीएससी, यूपीपीएससी जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की बेवसाइट पर रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ाकर अब 15 अप्रैल कर दी गई है। इच्छुक छात्र-छात्राओं से विभागीय वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील सिंह ने बताया कि उक्त बेवसाइट पर प्रतिदिन 30-40 छात्र-छात्राओं के स्तर से विजिट करते हुए अपना रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। जिसको दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजनान्तर्गत छात्र-छात्राओं के पंजीकरण के लिए वेबसाइट को 15 अप्रैल तक ओपन रखने के निर्णय लिया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील सिंह ने बताया कि अभी तक करीब 1100 छात्र-छात्राएं इसमें पंजीकरण करा चुके हैं।

