- सामान्य से दो गुना बढ़ा वायु प्रदूषण का स्तर, सांस लेने में हुई दिक्कत
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: जनपद में इस समय गंगानगर की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित है। क्योंकि गंगानगर में प्रदूषण का स्तर 300 के पार है। जबकि शहर का प्रदूषण का स्तर फिलहाल 261 पर चल रहा है। ऐसी स्थिति में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ोतरी पर होने के कारण अब सांस लेने में भी दिक्कते महसूस होने लगी है।
हालांकि सामान्य प्रदूषण का स्तर 150 होना चाहिए, लेकिन इस समय दो गुना प्रदूषण का स्तर हो रहा है। इस समय प्रदूषण का स्तर 300 के आसपास चल रहा है। जोकि शहर के लिए बेहद खराब है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में शहर में सांस लेने में दिक्कतें हो जाएगी और बीमारियों की रफ्तार बढ़ जाएगी।
मेरठ के आसपास के जनपदों की स्थिति भी बेहद खराब है। एनसीआर की आबोहवा ही इस समय खराब चल रही है। क्योंकि एनसीआर के जनपदों में प्रदूषण की स्थिति 300 के आसपास ही है। जिससे यह स्थिति मनुष्य के जीवन पर प्रभाव डालेगी और बीमारियों में इजाफा करेगी।
इसलिए बीमारियों को रोकने के लिए प्रदूषण की रोकथाम करना बेहद जरूरी है। अगर प्रदूषण की रोकथाम समय रहते नहीं की गई तो आने वाले दिनों में शहर की आबोहवा जहरीली हो जाएगी और लोग बीमारी का शिकार होना शुरू हो जाएंगे। ऐसे में बेहद जरूरी है कि हमें प्रदूषण की रोकथाम के लिए जागरूकता बरतनी होगी। प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रदूषण विभाग को भी आगे आना होगा।
हालांकि विभाग के अधिकारी लगातार दावे कर रहे हैं कि वह प्रदूषण की रोकथाम के लिए औद्योगिक कारखानों पर लगातार मॉनिटीरिंग कर रहे हैं। हालांकि इसकी रोकथाम के लिए शहर की जनता को भी जागरूक होना पड़ेगा।

क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी डा. योगेंद्र कुमार के अनुसार प्रदूषण की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पल्लवपुरम की स्थिति ठीक
पल्लवपुरम की स्थिति फिलहाल ठीक है। अगर देखा जाए तो यहां प्रदूषण का स्तर कम है, लेकिन उसके बावजूद ज्यादा चल रहा है। इसलिए यहां भी रोकथाम की बेहद जरूरत है।
शहर के इन स्थानों का प्रदूषण का स्तर
पल्लवपुरम 239
जयभीमनगर 242
गंगानगर 321
शहरों में प्रदूषण की स्थिति
मेरठ 261
हापुड़ 187
मुजफ्फरनगर 234
बागपत 244
बुलंदशहर 308
दिल्ली 275
ग्रेटर नोएडा 231
गाजियाबाद 340

