जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अधूरी परियोजनाओं और लागत में बढ़ोतरी को लेकर सरकार से तीखे सवाल किए। इमरान मसूद ने पूछा कि आखिर क्यों देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं, देरी से जनता को सड़क सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ सरकार ने क्या कार्रवाई की है। उन्होंने सहारनपुर सहित विभिन्न जिलों की चल रही परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर भी जवाब मांगा।
सांसद इमरान मसूद के सवाल पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्वीकार किया कि परियोजनाओं में लगातार देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण में कठिनाई, पर्यावरण व वन विभाग की स्वीकृति, वित्तीय संसाधनों की कमी, ठेकेदारों की लापरवाही, न्यायालयों में लंबित मामले और स्थानीय विरोध इसके प्रमुख कारण हैं। गडकरी ने यह भी माना कि देरी से परियोजनाओं की लागत स्वतः बढ़ जाती है और अंततः इसका बोझ जनता पर पड़ता है।मंत्री ने बताया कि कई प्रोजेक्ट्स निर्धारित समयसीमा में पूरे नहीं हो पाए और उनकी संशोधित लागत मूल अनुमान से कहीं अधिक हो गई है। कुछ ठेकेदार वित्तीय संकट या लापरवाही के चलते काम बीच में ही छोड़ गए, जिससे प्रोजेक्ट दूसरी एजेंसियों को सौंपने पड़े। हालांकि, गडकरी ने यह दावा भी किया कि सरकार ने समीक्षा बैठकों, वित्तीय संस्थानों से समन्वय और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करके कार्य की गति तेज करने की पहल की है।
इमरान मसूद ने जताई नाराजगी
सांसद इमरान मसूद के संसदीय कार्य प्रभारी विपिन जैन ने बताया कि मंत्री के जवाब पर इमरान मसूद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल देरी के कारण गिनाए, लेकिन दोषी एजेंसियों पर किसी ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं दिया। इमरान मसूद ने कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय कर कठोर दंडात्मक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक राजमार्ग जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं अधूरी ही रह जाएंगी और जनता को समय पर सुविधा नहीं मिलेगी।

