जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: नगरायुक्त गजल भारद्वाज ने ब्रहस्पतिवार की शाम हाउस टैक्स का निरीक्षण किया और जीआईएस सर्वे को लेकर अधिकारियों को स्वयं मॉनेटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने हाउस टैक्स इंस्पैक्टरों को स्पष्ट कहा कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कंपनी द्वारा सर्वे किये गए भवनों का आकस्मिक सर्वे करने के निर्देश भी इंस्पैक्टरों को दिए। सभी हाउस टैक्स बाबूओं के कार्य उनके काउंटर पर स्पष्ट रुप से लिखवाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
नगरायुक्त गजल भारद्वाज ब्रहस्पतिवार की शाम हाउस टैक्स पहंुची और विभाग का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जीआईएस सर्वे को लेकर विस्तार से जानकारी मांगी।
उल्लेखनीय है कि महानगर में सभी भवनों का जीआईएस सर्वे करने के लिए शासन ने प्रदेश स्तर से एक कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है। उक्त कंपनी का कार्य जीआईएस सर्वे कर निगम को भेजना और निगम द्वारा उन्हें डाउनलोड कर लोगों को वितरित करना है। नगरायुक्त ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रवीश चौधरी व कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव से जानना चाहा कि अभी तक कंपनी द्वारा सर्वे कर कितने नोटिस भेजे गए है और कितने डाउनलोड कर वितरित किये गए है।
दिनेश यादव ने बताया कि कम्पनी द्वारा सर्वे कर 30 हजार नोटिस निगम को भेजे गए है, जिनमें से साढे़ 18 हजार डाउनलोड किये गए है और 3800 नोटिस लोगों को भेजे जा चुके है। नगरायुक्त ने कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए उक्त अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंपनी के लोगों से कहे कि वे कर्मचारियों की संख्या बढ़ाते हुए आफिस में बैठकर ज्यादा से ज्यादा नोटिस डाउनलोड करे।
उन्होंने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रवीश चौधरी व कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव को निर्देश दिए कि वे स्वयं इसकी मॉनेटरिंग करें और इंस्पैक्टरों को प्रशिक्षित करें कि उन्हें क्या चैक करना है और कैसे करना है। उन्होंने कहा कि इंस्पैक्टर अपनी डायरी में पूरा रिकॉर्ड रखे कि किसके क्षेत्र में कितने नोटिस वितरित किये गए है। उन्होंने शत प्रतिशत नोटिस बंटवाने पर जोर दिया और उक्त अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर रोज की प्रगति रिपोर्ट से उन्हें उपलब्ध करायें। उन्होंने इंस्पैक्टरों को स्पष्ट कहा कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

