जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सूरजकुंड डिपो पर शराब पार्टी में शामिल रहे निगम कर्मचारी मंगलवार को आफिस नहीं आये। क्योंकि शराब पार्टी मामले में प्रशासन ने दोषियों पर शिकंजा कस दिया है। इसमें बड़ी कार्रवाई होने जारही है, जिसके चलते निगम कर्मचारी मंगलवार को आफिस ही नहीं आये तथा अपनी जान बचाने के लिए जोड़तोड़ में जुट गए।
बता दें, शराब पार्टी की जांच रिपोर्ट सोमवार को डीएम को सौंपी गई,जिसमें शराब पार्टी सूरजकुंड डिपो पर ही होना बताया गया, जिसके लिए निगम के कर्मचारियों को पूरी तरह से दोषी माना गया है। इसकी पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम को दे दी है।

यह जांच जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक भानु प्रताप सिंह ने की हैं। उनकी जांच रिपोर्ट में साफ कहा है कि अरुण कुमार खरखौदिया जोनल सेनेट्री अधिकारी व गजेन्द्र सिंह मुख्य सफाई निरीक्षक ने बार-बार स्पष्टीकरण मांगा जा रहा था, मगर इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया गया।
शराब पार्टी के साक्ष्य उन्हें उपलब्ध कराये गए, जिसमें प्रथम दृष्टया नगर निगम कर्मियो को दोषी पाया गया। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि शराब पार्टी आयोजन के लिए अरुण कुमार व गजेन्द्र सिंह पूरी तरह से दोषी है। डीएम के माध्यम से इसकी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी गई। क्योंकि इस शराब पार्टी की शिकायत मुख्यमंत्री के पोटर्ल पर की गई थी।

