- कॉरिडोर के लिए किफायती दरों पर पीटसी इंडिया से ली जाएगी बिजली
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ दिल्ली रैपिड रेल के लिए एनसीआरटीसी ने पीटीसी इंडिया के साथ करार किया है। किफायती दरों पर पीटीसी इंडिया से बिजली ली जाएगी। कॉरिडोर के लिए पावर एक्सचेंज के माध्यम से ग्रीन एनर्जी सहित कम लागत वाली बिजली की खरीद के लिए पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (पीटीसी) इंडिया के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस करार से रैपिड गाजियाबाद, मोदीपुरम, शताब्दी नगर और मुरादनगर में स्थित अपने रिसीविंग सबस्टेशनों (आरएसएस) के साथ-साथ दिल्ली में सराय काले खां में पावर एक्सचेंजों के माध्यम से अपनी बिजली की आवश्यकता को पूरा करने में सहयोग मिलेगा।
इससे बिजली लागत को कम हो सकगी। एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और पीटीसी के सीएमडी मनोज झावर की उपस्थिति में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत, एनसीआरटीसी न केवल आरआरटीएस के लिए कम लागत वाली बिजली हासिल करेगा, बल्कि एनसीआरटीसी की ससटेनबिलिटी को भी सुनिश्चित करेगा। वर्तमान में डिस्कॉम से बिजली ली जा रही है। पीटीसी ने पहले भी विभिन्न संगठनों को इसी तरह की ऊर्जा प्रबंधन सेवाएं प्रदान की हैं।
रैपिड का वर्तमान में साहिबाबाद और मेरठ साउथ के बीच कॉरिडोर का 42 किमी का खंड परिचालित है, जिसमें 9 स्टेशन हैं। मेरठ मेट्रो के साथ-साथ संपूर्ण दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर जून 2025 तक संचालित करने के लक्ष्य पर एनसीआरटीसी कार्य कर रही है। एनसीआरटीसी एक आधुनिक, सतत और कुशल परिवहन नेटवर्क बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सहयोग इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है।
बुजुर्ग दंपति से 1.73 करोड़ की ठगी करने वाला पांचवां आरोपी धरा
मेरठ: बुजुर्ग दंपति को पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 1.73 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले पांचवें आरोपी को पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पुलिस चार आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पकड़े गए आरोपी के खाते में पैसे मंगाए जाते थे, जिसकी एवज में यह मोटा कमीशन लेता था। यह अब तक कमिशन लेकर लाखों रुपये कैश निकालकर अपने साथियों को दे चुका है। बैंक से रिटायर्ड सूरज प्रकाश के पास 17 सितंबर को एक कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को टेलीकॉम विभाग से बताते हुए कहा कि आपके सभी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बंद किए जा रहे है।
आपके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर केनरा बैंक में एक खाता खोला गया है। इसमें 6.80 करोड रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के आए है। इसके बाद उन्हें वाट्सएप पर कॉल आई। जिसमें कॉलर ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए उनके खिलाफ महाराष्ट्र में रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी दी। उन्हें जेल भेजने की धमकी देते हुए पांच दिन तक दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद चार बैंक खातों में 1.73 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए थे। इसकी शिकायत मिलने पर मेरठ की साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की खुलासे के लिए तीन टीम गठित की। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने साइबर फ्रॉड से जुड़े एक आरोपी को हरियाणा के पलवल से गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी ने अपना नाम जतिन कुमार निवासी अगवानपुर थाना पलवल बताया है। पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि उसके दोस्त आकाश निवासी पातली खुर्द थाना पलवल सिटी हरियाणा ने उसे लालच देकर एक आॅफर दिया। जिसमें बताया कि खाता में पैसे डलवाने पर वह मोटी कमाई कर सकता है। आरोपी ने बताया कि पैसे की जरूरत की वजह से वह दोस्त की बातों में आ गया और उसने यश बैंक में एक खाता खुलवाया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक देवेश सिंह ने बताया कि अभी आकाश फरार है, जल्द ही उसकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।

