नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। भारत-जापान आर्थिक फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष अंदाज़ में अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने सबसे पहले जापानी भाषा में लोगों का अभिवादन किया और दोनों देशों की गहरी मित्रता पर जोर दिया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा जापान टेक्नोलॉजी का पावरहाउस है, जबकि भारत टैलेंट का पावरहाउस है। टेक्नोलॉजी और टैलेंट मिलकर ही भविष्य के विकास का नेतृत्व कर सकते हैं। भारत और जापान के बीच सहयोग की असीम संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैं आज सुबह ही टोक्यो पहुंचा हूं। मुझे बहुत खुशी है कि मेरी यात्रा की शुरुआत बिजनेस जगत के दिग्गजों के साथ हो रही है। आप में से बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनसे मेरा व्यक्तिगत परिचय रहा है, जब मैं गुजरात में था तब भी और जब मैं दिल्ली आ गई तब भी। भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा एक अहम पार्टनर रहा है। मेट्रो से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का प्रतीक बनी हैं। जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। मात्र पिछले 2 वर्षों में 30 बिलियन डॉलर का प्राइवेट इन्वेस्ट हुआ है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘पिछले 11 वर्षों में भारत के अभूतपूर्व परिवर्तन से आप सभी भलीभांति परिचित हैं। आज भारत में राजनीतिक स्थिरता है, आर्थिक स्थिरता है, नीति में पारदर्शिता है, पूर्वानुमान की क्षमता है। आज भारत विश्व की सबसे तेज बढ़ने वाली अहम अर्थव्यवस्था है। भारत बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘पिछले 11 वर्षों में भारत के अभूतपूर्व परिवर्तन से आप सभी भलीभांति परिचित हैं। आज भारत में राजनीतिक स्थिरता है, आर्थिक स्थिरता है, नीति में में पारदर्शिता है, पूर्वानुमान की क्षमता है। आज भारत विश्व की सबसे तेज बढ़ने वाली अहम अर्थव्यवस्था है। भारत बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘रक्षा और अंतरिक्ष जैसे संवेदनशील क्षेत्र पहले ही निजी क्षेत्र के लिए खोल दिए गए हैं। अब हम परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को भी खोल रहे हैं। इन सुधारों के पीछे विकसित भारत बनाने का हमारा संकल्प निहित है। हमारी प्रतिबद्धता दृढ़ विश्वास और स्पष्ट रणनीति पर आधारित है। दुनिया ने इसे पहचाना है। आज दुनिया सिर्फ भारत पर नजर नहीं रख रही है, बल्कि भारत पर भरोसा कर रही है। एसएंडपी ग्लोबल ने दो दशक बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड की है।’
उन्होंने कहा कि ऑटो सेक्टर में हमारी भागीदारी बेहद सफल रही है। हम साथ मिलकर वही magic, बैटरीज, रोबोटिक्स, सेमी-कन्डक्टर, शिप-बिल्डिंग और परमाणु ऊर्जा में भी दोहरा सकते हैं। साथ मिलकर हम ग्लोबल साउथ, विशेषकर अफ्रीका के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं। मैं आप सबसे आग्रह करता हूं- आइए, भारत में बनाएं, विश्व के लिए बनाएं।
पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत ने AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कम्प्यूटिंग, बायोटेक और अंतरिक्ष में साहसिक और महत्वाकांक्षी कदम लिए हैं। जापान की तकनीक और भारत का टैलेंट मिलकर इस सदी के तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर सकते हैं। भारत तेजी से 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। हमने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर का भी लक्ष्य रखा है।’

