- समय सीमा बीतने के बाद भी आवास नहीं हो रहे हैं खाली
- 4 जून तक आवास खाली करने के लिए दी गई थी मोहलत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर को सौगात में मिलने वाली मल्टीलेवल पार्किंग की राह में अभी कई कांटे साफ नहीं हो सके हैं। निर्धारित समयावधि 4 जून बीतने के बाद भी कर्मचारी अब तक आवास खाली नहीं कर रहे हैं। जिससे मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण का रास्ता साफ नहीं हो पा रहा है। बड़ी मुसीबत यह हो रही है कि इसी परिसर में घंटाघर फायर स्टेशन को भी खाली करने का अल्टीमेटम देने के बाद भी वहां भी चहल-पहल जारी है। कार्यदायी संस्था ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपकर परिसर खाली कराने को कहा है।
कई सालों की कोशिशों के बाद आखिरकार मल्टीलेवल पार्किंग का मेरठ को तोहफा मिलने जा रहा है। दो दशक से अधिक समय से मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की कवायद चल रही थी। पहले जीआईसी कालेज के मैदान, उसके बाद काठ का पुल, फिर बेगमपुल पर नाले को पाटकर वहां मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की योजना बनाई गई। एक बार हापुड़ अड्डा चौराहे पर बीएवी कॉलेज के क्रीड़ा स्थल पर भी पार्किंग बनाने की कोशिशें हुर्इं। लेकिन यह परवान नहीं चढ़ सकी।
सबसे आखिर में घंटाघर के पास नगर निगम मुख्यालय जोन में ही मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के लिए सहमति बनी। हालांकि टाउन हाल में भी मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की पहले योजना बनाई गई। लेकिन इसके लिए टाउन हॉल की ऐतिहासिकता आड़े आ गई। क्योंकि पार्किंग के लिए जितना स्पेस चाहिए था। उसके लिए टाउन हॉल के तिलक हॉल को तोड़ने की जरूरत महसूस हो रही थी। घंटाघर के पास मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के लिए इसलिए भी चयन किया गया।
क्योंकि इससे शहर के कई प्रमुख बाजार घंटाघर, सराफा बाजार, लाला का बाजार, बजाजा बाजार, कबाड़ी बाजार, कोटला आदि क्षेत्र कवर हो रहे हैं। इन बाजारों में खरीदारी करने वाले व्यापारी आराम से अपनी गाड़ी मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ी करके सामान की खरीदारी कर सकते हैं। मल्टीलेवल पार्किंग बनाने कार्य राज्य स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत किया गया है।
गत 5 अगस्त 2023 को जारी शासनादेश के अनुसार इसके लिए 45.99 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। 13620.18 वर्ग मीटर जमीन का चयन किया गया है। इस मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण का दायित्व मैसर्स एमईएस लिमिटेड की उत्तर प्रदेश जल निगम की सी.एण्ड डी.एस.यूनिट को सौंपा गया है। मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण का कार्य 8 सितंबर 2025 तक पूर्ण किया जाना है।
सी एंड डीएस ने नगरायुक्त को सौंपी विस्तृत रिपोर्ट
मल्टीलेवल पार्किंग का काम शुरू न होने की वजह से कार्यदायी संस्था सी एंड डीएस के अधिकारी भी परेशान हैं। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ने इस संबंध में नगर आयुक्त डा. अमित पाल शर्मा को विस्तृत रिपोर्ट दी है। इसमें कहा गया है कि नगर निगम कर्मचारी आश्वासन के बाद भी आवास परिसर खाली नहीं कर रहे हैं। न ही नगर निगम कर्मचारी संघ और न ही जलमल कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने परिसर खाली किया है। जिससे वह निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पा रहे हैं।

