- रात्रि कर्फ्यू का पालन कराने को पुलिस का अमला उतरा सड़क पर
- एसएसपी समेत एसपी सिटी और तमाम सीओ मय फोर्स के साथ रहे सड़क पर
- दो पहिया से चार पहिया वाहन चालकों को रोका हिदायत देकर छोड़ा
- पुलिस ने शहर में जगह जगह लगाई बैरिकेडिंग गाड़ियों की ली तलाशी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सावधान! शनिवार की रात से नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। कर्फ्यू को सख्ती के साथ लागू कर दिया गया है। पुलिस भी जगह-जगह तैनात की गई हैं, ताकी इसको पूरी तरह से लागू किया जा सके। ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बाद प्रदेश सरकार ने नाइट कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है। रात्रि में भी लोगों की चाय की चुस्की रातभर चलती रहती थी, अब कहीं चौपाल नहीं लगेगी। नाइट कर्फ्यू को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस एलाउंसमेंट भी करते हुए घूम रही हैं, ताकि किसी तरह की ढील नाइट कर्फ्यू में नहीं दी जा सके। तमाम चौराहें पर पुलिस की रात्रि में तैनाती की गई है। देर रात में यह सख्ती दिखाई भी दी। जगह-जगह पर पुलिस चेकिंग कर रही थी।

प्रदेश में ओमिक्रॉन की दस्तक होने से सरकार ने प्रदेशभर में रात्रि कर्फ्यू शुरू कर दिया है। रात्रि कर्फ्यू का पालन कराने के लिए एसएसपी प्रभाकर चौधरी समेत तमाम अधिकारी सड़क पर उतर गए। पुलिस ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में बैरिकेडिंग लगाकर वाहन चालकों को रोककर उन्हें हिदायत देकर छोड़ा और गाड़ियों की तलाशी ली। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने हापुड़ अड्डे पर पहुंचकर मोर्चा संभाला तो एसएसपी ने शहरभर में भ्रमण कर थाना पुलिस की व्यवस्थाओं को जायजा लिया। प्रदेश सरकार के आदेश के अनुसार 10:30 बजे ही एसएसपी प्रभाकर चौधरी, एसपी सिटी विनीत भटनागर और तमाम सीओ ने शहर के मुख्य चौराहों और मार्गों पर मोर्चा संभाल लिया था। वहीं, थाना पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों के मुख्य बाजारों में घूम-घूमकर दुकानों, ढाबों व अन्य प्रतिष्ठानों को बंद कराना शुरू कर दिया था।

एसपी सिटी व सीओ कोतवाली ने हापुड़ अड्डा चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर दो पहिया से चार पहिया व बड़े वाहनों को रोका और उनके चालकों को हिदायत देकर छोड़ा। वहीं, चार पहिया वाहनों की गहनता से तलाशी भी ली गई। शहर के सभी थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के मुख्य मार्गों पर 11 बजते ही बैरिकेडिंग लगा दी थी और रात्रि में घूम रहे लोगों को रोक-रोककर उनकी तलाशी लेने के साथ ही उन्हें दोबारा से मिलने पर कानूनी कार्रवाई की हिदायत देकर छोड़ा गया। इसी के साथ एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने शहरभर का भ्रमण किया और सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस व्यवस्थाएं देखी।

एलाउंस कर लोगों को किया जागरूक
पुलिस ने रात्रि में शहर में घूम-घूमकर एलाउंस कर लोगों को जागरूक किया और उन्हें रात्रि में घरों से बाहर न निकले को कहा। साथ ही कहा कि यदि कोई रात्रि में बिना वजह घूमता हुआ मिला तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने व्यापारियों को भी सूचित किया कि वह अपनी दुकानों पर मास्क लगाकर बैठे और दुकान पर आने वाले ग्राहकों को भी मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें।
अगले आदेश तक जारी रहेगा रात्रि कर्फ्यू एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि सरकार के आदेशानुसार रात्रि 11 बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू रहेगा और इसका पूरी तरह सख्ती से पालन भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कर्फ्यू अगले आदेश तक जारी रहेगा। इसी के साथ शासन से और किसी तरह की गाइड लाइन आती है तो उसका भी पालन कराया जाएगा। एसपी सिटी ने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए शहर के मुख्य बाजारों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में एलाउंस कराया जा रहा है। ताकि लोग अपने घरों से बिना वजह बाहर न निकलें। इसी के साथ यदि कोई बिना वजह घूमता पाया गया तो उनके खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा।

सिनेमा हॉल भी रहे बंद
रात्रि कर्फ्यू के आदेश होने के चलते सिनेमा हॉल में 7:30 बजे के बाद कोई शो नहीं चलाया गया। सिनेमा संचालकों का कहना है कि वीकेंड पर रात के शो सबसे ज्यादा भीड़ होती है, लेकिन रात्रि कर्फ्यू के कारण शाम 7:30 बजे शो शुरू करके रात 10:30 बजे खत्म कर दिया था। दिल्ली रोड स्थित वेव सिनेमा और शास्त्रीनगर स्थित आइनोक्स में रात के तीन शो निरस्त किए गए। वहीं रीगल सिनेमा में रात को एक भी शो नहीं चलाया गया।
होटल और ढाबे भी हुए बंद
क्रिसमस को लेकर होटल संचालकों ने पूरी सजावट की हुई थी और बुकिंग भी काफी थी, लेकिन रात्रि कर्फ्य की वजह से समय से पहले बंद कर दिया गया। रात्रि कर्फ्यू से नाइट पार्टी पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। क्रिसमस से नए साल तक होटलों में लोग खूब नाइट पार्टी करते हैं। शनिवार को रात 10 बजे डिनर का आखिरी आॅर्डर लेकर 11 बजे तक सभी होटल और ढाबे बंद कर दिए गए थे।
रात में कर्फ्यू, दिन में जनसभाएं
प्रदेश में चुनाव नदीक हैं। ऐसे में सभी दलों के नेता जनसभाएं कर रहे हैं, लेकिन ऐसे में यूपी सरकार ने रात में कर्फ्यू लगा दिया हैं, मगर दिन में राजनीतिक दलों की जनसभाएं चल रही हैं। जनसभाओं में भीड़ इकट्ठा करने के लिए तमाम हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। हजारों की भीड़ को भी लाखों में दावा किया जाता हैं। इन जनसभाओं में नहीं कोई मास्क लगा रहा है और नहीं सोशल डिस्टेंसिंग ही दिखाई देती है। मास्क लगाये तो इक्का-दुक्का ही लोग दिखाई देते हैं। मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग से एक तरह से लोग जनसभाओं में परहेज कर रहे हैं। पार्टी किसी की भी हो, लेकिन कोविड के निमयों को सभी तोड़ रहे हैं। भीड़ के रेला इन सभाओं में आ रहे हैं। बात नाइट कर्फ्यू की जाती हैं।
इन सबसे निगहबानी करके नाइट कर्फ्यू की बात की जा रही है। इसे बचकाना हरकत कही जाए या फिर कुछ और, ये आम जनता की समझ से परे की बात है, परन्तु इसे जारी करने वाला ही इसे बेहतर तरीके से समझा सकता है। बड़ा सवाल यह है कि रात्रि में इतनी ठंड पड़ रही है, लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में नाइट कर्फ्यू का कोई औचित्य बनता है, यह दिखाई नहीं देता। हां, दिन में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भीड़ इकट्ठा कर जनसभाएं कर रहे हैं, क्या वहां पर कोरोना का संक्रमण नहीं फैलेगा। यह भी सोचनीय प्रश्न हैं। इस तरह तो रात्रि में ही कोरोना फैलता हैं, दिन में नहीं। क्योंकि दिन में तो राजनीतिक दलों की जनसभाएं चल रही है। जनसभाओं में भारी भीड़ एकत्र करने के लिए तमाम हथकंडे अपनाये जा रहे हैं।
सख्ती से होगा कर्फ्यू का पालन: डीएम
डीएम के. बालाजी ने आदेश दिये हैं कि कर्फ्यू का पालन सख्ती से किया जाएगा। रात्रि में कोई भी कार्यक्रम नहीं होगा। घंटाघर व पुराने शहर में देर रात तक मजमा लगता था, उसे भी बंद कराया जाएगा। रात की चाय की चुस्की लेना अब महंगा पड़ सकता है। इसे सख्ती से रोकने के लिए डीएम ने आदेश दिये हैं, ताकि पुलिस सख्ती के साथ नाइट कर्फ्यू का पालन करा सकेगी।

