जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनका त्यागपत्र मंत्री विजय चौधरी और एमएलसी संजय गांधी द्वारा परिषद में जमा कराया गया। मात्र 29 शब्दों में लिखे गए इस इस्तीफे को सभापति अवधेश नारायण सिंह ने स्वीकार कर लिया। इस दौरान जदयू के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति 14 दिनों से अधिक समय तक दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता। नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे, इसलिए उन्हें 30 मार्च तक एक सदन की सदस्यता छोड़नी अनिवार्य थी। फिलहाल वे बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे, हालांकि इस पद को लेकर आगे क्या निर्णय होगा, इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इधर, नितिन नवीन ने भी आज अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने रविवार सुबह ही अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को सौंप दिया था, जिसे आज विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। पहले वे 29 मार्च को ही इस्तीफा देने वाले थे और इसकी पूरी तैयारी भी हो चुकी थी, लेकिन अचानक असम चले जाने के कारण यह प्रक्रिया टल गई।
सोशल मीडिया पर अपने बयान में नितिन नवीन ने कहा कि वे बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी द्वारा दी गई नई जिम्मेदारी के तहत वे बिहार के विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता के प्रति अपने संबंध को अटूट बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और विकसित बिहार के लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

