- आईआईएमटी यूनिवर्सिटी के क्रिकेट मैदान पर पहुंचे पूर्व क्रिकेटर मदनलाल ने मेहनत करके आगे बढ़ने की दी प्रेरणा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गंगानगर स्थित आईआईएमटी यूनिवर्सिटी के मैदान पर सोमवार को पहुंचे 1983 विश्वकप विजेता भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ियों में शुमार मदनलाल ने छात्रों से अपने कार्यों के प्रति समर्पण भाव रखने और मेहनत कर आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने हॉल ही में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुई टेस्ट शृंखला में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर भी चर्चा की। उन्होंने इस दौरान पिच पर बैटिंग करते हुए कुछ दिलकश स्ट्रोक भी लगाये।
पूर्व क्रिकेटर मदनलाल का कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता व प्रति कुलाधिपति डा. मयंक अग्रवाल द्वारा शॉल पहनाकर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया गया। उन्होंने यहां क्रिकेट मैदान का मुुआयना किया और फैंस की रिक्वेस्ट पर बैटिंग भी की। इस दौरान उन्होंने स्पिन आक्रमण के विरुद्ध कैसे शॉट लगायें, यह भी नवोदित क्रिकेटरों को बताया। पत्रकारों से मौजूदा क्रिकेट के स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि दौर चाहे कोई भी हो खेल में आप का समर्पण और मेहनत ही आपको आगे ले जा सकता है। उन्होंने भारत के न्यूजीलैंड के हाथों तीन-शून्य से सीरीज गंवाने के सवाल पर कहा कि मौजूदा समय में भारतीय क्रिकेट टीम तीनों ही फार्मेट में बेहतर प्रदर्शन करती आ रही है।
इस सीरीज में टीम अपने श्रेष्ठ प्रदर्शन से पीछे रही और विरोधी टीम ने इसका भरपूर फायदा उठाने में देर नहीं लगायी। विकेट को तैयार करने में अच्छा बाउंस न रखना भी हार का एक कारण बताया। आगामी आॅस्ट्रेलिया दौरे पर नये सिरे से तैयारी करके उतरने की बात कही। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को अधिक से अधिक घरेलू क्रिकेट खेलने पर जोर दिया। कहा कि मौजूदा समय में क्रिकेट के तीनों ही फार्मेट 20-20, वन-डे और टेस्ट का अपना-अपना महत्व है। इन तीनो ही माध्यमों से बेहतर क्रिकेटर क्रिकेट जगत में सही समय पर पदार्पण कर पा रहे हैं।
फिटनेस है सबसे जरूरी
मदनलाल ने कहा कि अगर आपको मैदान पर लंबे समय तक खेलना है तो खुद की फिटनेस को बनाकर रखना बेहद जरूरी है। खानपान और सोने से लेकर उठने और मैदान पर मेहनत करने के लिये आपका शेड्यूल कैसा है? इसका बड़ा महत्व है।
विश्वकप को लेकर बनी फिल्म 83 देती है प्रेरणा
खेलों को लेकर बनने वाली प्रेरणादायक फिल्मों को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में मदनलाल ने कहा कि 83 मूवी अपने आपमें हर उस खिलाड़ी को प्रेरणा देने का काम करती है, जो कड़ी मेहनत के बावजूद वो हासिल नहीं कर पा रहा है, जिसका वह हकदार है। कहा कि फिल्म में खिलाड़ियों का किरदार निभा रहे अभिनेताओं को देखकर लगता है कि यह उस दौर के क्रिकेट को समझ पाने में पूरी तरह सफल रहे हैं। कहानी प्रेरणा देती है कि किसी भी परिस्थिति में अपने प्रयास नहीं छोड़ने चाहिये।

