- डीलरों से वितरित कराए जा रहे हैं पुराने कार्ड
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: बरसों से आफिस में धूल फांक रहे राशन कार्डो से आपूर्ति विभाग में नोट बनाने का काम शुरू किया है। इस धांधली में डीलरों पर पुराने रद्दी कार्ड उपभोक्ताओं को बाटकर वसूली करने का दबाव बनाया जा रहा है। विभाग के तुगलकी फरमान के आगे डीलर बेबसी का रोना रो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक आपूर्ति विभाग द्वारा वर्ष 2019 को माह अगस्त में नए राशन कार्ड जारी किए थे। मवाना तहसील के इन राशन कार्डो पर तत्कालीन पूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार भटनागर के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। विभाग ने उपभोक्ताओं के लिए राशन कार्ड तो जारी कर दी लेकिन उनका वितरण नहीं कराया गया। दो वर्ष पूर्व जारी हुए हजारों राशन कार्ड आपूर्ति कार्यालय में धूल फांक रहे है।
कार्यालय विभाग ने इन पुराने कार्डों से नोट बनाने शुरू कर दिए है। इनमें ऐसे राशन कार्ड भी बांटे जा रहे हैं जो निरस्त होने के चलते वर्तमान में विभाग के पोर्टल पर होटल पर ही नहीं है। दस-दस रुपए के एवज वितरित कराए जा रहे राशन कार्डों में प्रकाशित डाटा वास्तविकता से भिन्न है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को पुराने रद्दी समान कार्ड के एवज अपनी जेबे ढीली करनी पड़ रही है।
दूसरी ओर आपूर्ति निरीक्षक अजय कुमार का कहना है कि काफी दिनों से राशन कार्ड वितरण पेंडिंग चल रहा था। तहसील क्षेत्र में लगभग 15 हज़ार वितरित है। कार्ड के मूल्य से एकत्र होने वाली लाखों की रकम सरकारी खाते में जमा कराई जाएगी।

