- नगर निगम की घर-घर पानी का मीटर लगाने की है योजना
- कई निकायों में शुरू हो चुका है कार्य, यहां भी प्रस्ताव बनाया जा रहा
- लोगों को 24 घंटे पीने का पानी कराया जायेगा उपलब्ध
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आने वाले समय में शहर के लोग फिजूल में पानी नहीं बहा सकेंगे। अगर वह पानी को व्यर्थ में बरबाद करेंगे तो उन्हें पानी की कीमत मीटर के हिसाब से चुकानी पड़ेगी। इसे लेकर नगर निगम की ओर से योजना बनाई जा रही है जल्द ही इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जायेगा। नगर निगम घर-घर मीटर लगायेगा और लोग जितना पानी बहाएंगे उन्हें इसकी कीमत भी चुकानी होगी। इससे न केवल व्यर्थ में पानी बहाने वालों पर लगाम लगेगी, बल्कि निगम को भी राजस्व की प्राप्ति होगी।
आने वाले समय में लोगों को पीने का पानी भी मीटर के हिसाब से लेना होगा। लोग जितना पानी इस्तेमाल करेंगे उन्हें, उसकी उतनी ही कीमत चुकानी पड़ेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी तैयारी नगर निगम के जल विभाग की ओर से शुरू कर दी गई है। अन्य कई सिटी में यह प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है।

शासन की ओर से कई निकायों में भी इस संबंध में आदेश जारी किये जा चुके हैं कि लोगों के घरों के बाहर पानी के मीटर लगाये जाएं। इसे लेकर यहां नगर निगम के जल विभाग ने भी प्रस्ताव बनाने शुरू कर दिये हैं। विभाग ने पूरे शहर में पानी के मीटर लगाये जाने का प्रस्ताव तैयार किया। इसमें निगम के करीब 400 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे, लेकिन अगर नगर निगम इसे शुरू करता है तो व्यवस्था में पानी बहाने वालों पर लगाम भी लगेगी और इसके जरिये निगम को काफी अच्छे राजस्व की भी प्राप्ति होगी।
वहीं, इस संबंध में महाप्रबंधक जल विभाग, नगर निगम कुमार गौरव का कहना है कि इस प्रोजेक्ट पर प्रस्ताव बनाया जा रहा है। अगर घर-घर पर पानी के मीटर लगाये गये तो निगम को राजस्व की प्राप्ति तो होगी ही साथ ही पानी की बर्बादी भी कम हो जायेगी और लोगों को पानी भी अधिक समय तक मिल सकेगा।
24 घंटे पीने का पानी दिये जाने की है योजना
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में एक क्षेत्र में करीब 10 हजार मकानों को एक पाइप लाइन से जोड़ा जायेगा और इसमें 24 पीने का पानी उपलब्ध रहेगा। प्रत्येक मकान पर पानी की लाइन पर मीटर लगाया जायेगा। यहां एक मकान में जितना पानी इस्तेमाल होगा वह मीटर में दर्ज होता चला जायेगा। माह के अंत में मकान मालिक को बिजली के मीटर की तरह पानी का बिल दिया जायेगा और उन्हें वह बिल जमा कराना होगा। इस प्रक्रिया से लोगों को 24 घंटे पीने का पानी मिल पायेगा।
पानी की बर्बादी पर लगेगी रोक
अगर इस प्रोजेक्ट के तहत यहां पानी के मीटर घरों पर लगाये जाते हैं तो पानी की बर्बादी पर काफी हद तक रोग लग जायेगी। लोग व्यवस्थ में पानी नहीं बहा सकेंगे। आज जगह-जगह कार वॉशिंग और वाहन वॉशिंग सेंटर खुले हुए हैं। जहां प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद होता है। अगर इन जगहों पर पानी के मीटर लगने शुरू हुए तो निगम को राजस्व की प्राप्ति तो होगी ही, लेकिन पानी का स्तर भी काफी हद तक सुधर जायेगा। लोग पानी को कम बर्बाद करेंगे। क्योंकि उन्हें मालूम रहेगा कि वह जो पानी बर्बाद कर रहे हैं, उन्हें उसकी कीमत चुकानी है।

