Wednesday, March 4, 2026
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सभी धर्मो में उत्तम ब्रह्यचर्य मक्खन की तरह श्रेष्ठ है

जनवाणी संवाददाता |

हस्तिनापुर: युक्त त्रय तीर्थंकरों के द्वादश कल्याणकों की पावन पुुनीत क्षेत्र स्थित श्री दिगम्बर जैन प्राचीन बड़ा मन्दिर में पर्युषण महापर्व के पावन अवसर पर चल रहे श्री 1008 तीनलोक महामण्डल विधान में श्री जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक हुआ महामंत्रो के मंत्रोच्चार के साथ शांतिधारा हुई। गुरुवार को शांतिधारा करने का सौभाग्य अभिोक जैन, श्वेता जैन, प्रियांसी जैन, अर्णव जैन को प्राप्त हुआ।

विधान के मध्य आयोजित धर्म सभा में मुनि 108 भाव भूषण जी महाराज ने दस धर्मो का क्रमशः प्रवचन करते हुए। आज उत्तम ब्रह्यचर्य महत्वता को बताते हुए कहा कि- क्षमा, मार्दव, आर्जव भाव रूपी धर्म है। सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग के माध्यम से इन धर्माे पर लगा जाता हैं। किन्तु आंकिचन और ब्रह्यचर्य दस धर्माे मे सार है (मक्खन है)। ये दस धर्म सांसारिक प्राणी को चार गति चौरासी लाख योनी से निकाल करके मुक्ति रूपी लक्ष्मी की प्राप्ति कराते है। संसारिक प्राणी उस मृग की भांति संसारिक परिभ्रमण कर रहा है।

कस्तूरी मृग के नाभि मे होती है लेकिन वह उसे वन-वन खोजता फिरता है ठीक उसी प्रकार इन्सान पर पदार्थाे की आश्रय से आनंद प्राप्त करने की कोशिश सारी जिन्दगी करता रहता है, स्वयं की तरफ ध्यान जाता ही नही है। ब्रह्यचर्य धर्म हमें शारीरिक बल देता है औज देता है ब्रह्यचर्य के रहने से शरीर मे उर्जा बनी रहती है। जो विपरित स्थितियों मे सक्रिय होकर शरीर की सक्रियता को बनाये रखते है।

अगर हम आध्यात्मिक दृष्टि से कहे ब्रह्य अर्थात आत्मा, जो अपनी आत्मा मे अपने स्वरूप में विचरण करता है उसके ही ब्रह्यचर्य होता है। ब्रह्यर्चय धर्म यानि आत्मा का असीम सुख, आत्मा का असीम आनन्द, आत्मा में अपूर्व लीनता, तल्लीनता है उससे उत्पन्न होने वाला आत्मिक मक्खन है उसका नाम है ब्रह्यचर्य धर्म। सन्त महापुरूष जब ज्ञान की गहराई में उतरते है तो उतरते – उतरते आत्म साध कर लेते है, अपनी आत्मा और धर्म को एक कर लेते है इसका नाम है उत्तम ब्रह्यचर्य धर्म। अनन्त चतुर्दशी के इस पावन दिवस पर बारहवें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य का निर्वाण कल्याणक भी श्रद्धालुओं द्वारा भक्ति भावना के साथ निर्वाण लाडू चढा करके मनाया गया।

रात्रि में आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक प्रश्नमंच के बाद भक्ति, भजन, आदि का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसके पुरस्कार सुरेन्द्र जैन ने वितरित किये। कार्यक्रम को सफल बनानें हेतू क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेन्द्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन सर्राफ, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार जैन, महाप्रबन्धक मुकेा जैन उपप्रबंधक आोक जैन, अतुल जैन, उमेा जैन, कमल जैन, ने सहयोग किया।

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