- मल्टी लेवल पार्किंग के लिए खाली कराये जा रहे हैं सरकारी क्वार्टर
- कैंपस में रह रहे दो दर्जन परिवारों को मिली है एक माह की मोहलत
- रात के अंधेरे में ठिकाने लगायी जा रही है निगम की सरकारी संपत्ति
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जब खेत ही बाड़ को खाने लगे तो खेत का भगवान ही मालिक है। कुछ ऐसा ही हाल इन दिनों नगर निगम के कर्मचारियों और उनके परिवारों ने अपना रखा है। सालों तक यह कर्मचारी अपने परिवार के साथ बिना किराये के ठसक से नगर निगम के सरकारी क्वार्टरों में रहे। अब जब मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के लिए इनके आशियाने हटाने का फरमान देकर आवास खाली कराये जा रहे हैं तो
आवास खाली करने के साथ-साथ यह यहां से सरकारी संपत्ति भी ठसक से चोरी करके ले जा रहे हैं। रात के अंधेरे में निगम की लाखों की संपत्ति ठिकाने लगा दी गई है और बाकी लगाई जा रही है। एक को देखकर दूसरा भी इस कारनामे को अंजाम देने में लगा हुआ है। आश्चर्य की बात तो यह है कि जिम्मेदारों ने इस सारे गड़बड़झाले की तरफ से आंखे मूंद रखी हैं।

कई सालों की कोशिशों के बाद आखिरकार मल्टीलेवल पार्किंग का मेरठ को तोहफा मिलने जा रहा है। दो दशक से अधिक समय से मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की कवायद चल रही थी। पहले जीआईसी कालेज के मैदान, उसके बाद काठ का पुल, फिर बेगमपुल पर नाले को पाटकर वहां मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की योजना बनाई गई। एक बार हापुड़ अड्डा चौराहे पर बीएवी कॉलेज के क्रीड़ा स्थल पर भी पार्किंग बनाने की कोशिशें हुर्इं, लेकिन यह परवान नहीं चढ़ सकी। सबसे आखिर में घंटाघर के पास नगर निगम मुख्यालय जोन में ही मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के लिए सहमति बनी।
हालांकि टाउन हाल में भी मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की पहले योजना बनाई गई, लेकिन इसके लिए टाउन हॉल की ऐतिहासिकता आड़े आ गई। क्योंकि पार्किंग के लिए जितना स्पेस चाहिए था। उसके लिए टाउन हॉल के तिलक हॉल को तोड़ने की जरूरत महसूस हो रही थी। घंटाघर के पास मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के लिए इसलिए भी चयन किया गया।
मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ी होंगी 237 कारें
मल्टीलेवल पार्किंग बनाने कार्य राज्य स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत किया गया है। गत 5 अगस्त 2023 को जारी शासनादेश के अनुसार इसके लिए 45.99 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। 13620.18 वर्ग मीटर जमीन का चयन किया गया है। इस मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण का दायित्व मैसर्स एमईएस लिमिटेड की उत्तर प्रदेश जल निगम की सी एंड डीएस यूनिट को सौंपा गया है। मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण का कार्य 8 सितंबर 2025 तक पूर्ण किया जाना है। लेकिन बीच में चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से इसके निर्माण में बाधा आ गई। क्योंकि नगर निगम के मुख्यालय जोन में मल्टीलेवल पार्किंग के लिए जो जगह चिन्ह्ति की गई है।

उसमेंं नगर निगम मुख्यालय में स्थित उत्तर प्रदेश फायर स्टेशन के साथ-साथ इससे मिली जल निगम की बिल्डिंग तथा नगर निगम के कर्मचारियों के सरकारी क्वार्टर भी आ रहे हैं। इन आवासों पर नगर निगम के कर्मचारी अपने परिवारों के साथ निवास करते हैं। मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के लिए जब इन आवासों को खाली कराकर तोड़ने की तैयारी की गई तो यह सभी कर्मचारी परिवार एकत्र होकर नगर आयुक्त के पास पहुंचे। नगर आयुक्त ने चुनाव आचार संहिता देखते हुए इन परिवारों को एक माह की मोहलत दिला दी। अब 4 जून को लोकसभा चुनाव का परिणाम आने तक इन आवासों को नहीं तोड़ा जायेगा।
चार जून तक आवास खाली करने की मोहलत
चार जून के बाद यहां रहने वाले परिवारों को आवास खाली कराने हैं। इसलिए इन कर्मचारी परिवारों ने धीरे-धीरे अपने आवासों का सामान समेटना शुरू कर दिया है तथा यहां से अन्यत्र सामान ले जाना भी शुरू कर दिया है। अब बड़ा खेल इसमें यह किया जा रहा है कि इन परिवारों ने नगर निगम की सरकारी संपत्ति को भी उखाड़कर ले जाना शुरू कर दिया है। यह यहां से नगर निगम के दरवाजे, ग्रिल, टीन की चादरें, पानी की टंकियां, लोहे के पाइप लाइन की फिटिंग व बिजली के बोर्ड तक उखाड़कर ले जा रहे हैं।

