जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिल्ली में आज विपक्षी दलों द्वारा आयोजित विरोध मार्च के दौरान जमकर हंगामा हुआ। संसद भवन से निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग) तक मार्च निकालने की योजना बना रहे विपक्षी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति मार्च निकालने से रोका, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस बैरिकेडिंग पर चढ़े सांसद, नारेबाजी तेज
मार्च रोके जाने के बाद विपक्षी सांसदों ने संसद मार्ग पर ज़ोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कई सांसद बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और ‘लोकतंत्र बचाओ’ जैसे नारे लगाए। स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पुलिस बैरिकेड के ऊपर से कूद गए।
पुलिस और नेताओं के बीच नोंकझोंक
विरोध के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण मार्च को जबरन रोका गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
क्यों कर रहे हैं विरोध?
INDIA ब्लॉक के सांसद बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान कथित “मतदाता धोखाधड़ी” के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूचियों में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की गई है और चुनाव आयोग इस पर चुप्पी साधे बैठा है।
पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस ने कहा कि मार्च के लिए कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी, और सुरक्षा कारणों से इसे रोकना जरूरी था। फिलहाल, मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
विपक्ष का ऐलान: आंदोलन जारी रहेगा
विपक्षी नेताओं ने ऐलान किया है कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाएंगे। स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है, और आने वाले घंटों में विपक्ष की अगली रणनीति पर नजर रहेगी।

