- सुप्रीम कोर्ट ने सपा विधायक नाहिद हसन की जमानत के लिए निचली अदालत को दिए आदेश
- विधायक को अभी रहना होगा जेल में, गैंगस्टर के मुकदमें में हाई कोर्ट में लगी हैं 1 नवम्बर की तारिख
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: 2019 को झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव खेडी खुशनाम निवासी महिला शाहजहां ने सपा विधायक नाहिद हसन के विरूद्ध अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कराया था। फरवरी 2021 में नाहिद हसन व उनकी माता पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम सहित 40 लोगों के विरूद्ध गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था। 15 जनवरी 2022 में विधानसभा चुनाव के दौरान पुलिस ने नाहिद हसन को गिरफ्तार करके कैराना स्थित एमपी एमएलए कोर्ट में पेश कर दिया था जहां से उन्हें मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया था। वहीं एमपी एमएलए कोर्ट में नाहिद हसन की जमानत खारिज होने के बाद उनके अधिवक्ता ने हाई कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। 7 जुलाई 2022 को अमानत में खयानत के मुकदमें में हाई कोर्ट ने नाहिद हसन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
इसी बीच अचानक जेल प्रशासन ने 28 सितम्बर 2022 को विधायक नाहिद हसन का चित्रकुट की जेल में ट्रांसफर दिया था। बुधवार को नाहिद हसन पर 2019 में दर्ज हुए अमानत में खयानत के मुकदमें में सुप्रीम कोर्ट में जमानत पर सुनवाई की हुई। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किए कि नाहिद हसन के स्वास्थ्य व विवेचना में सहयोग को देखते हुए ट्रायल कोर्ट शर्तो के साथ नाहिद हसन को जमानत पर रिहा करें। अब विधायक के अधिवक्ता ट्रायल के कोर्ट में उनकी जमानत की कार्यवाही करेंगे। लेकिन इसके बाद भी नाहिद हसन को अभी कुछ दिन और जेल में रहना होगा, क्योकि नाहिद हसन पर फरवरी 2021 में दर्ज गैंगस्टर के मुकदमें में जमानत के लिए हाई कोर्ट में 1 नवम्बर की तारीख लगी हैं।

