- आवेदक और कर्मचारी अपने सैनिटाइजर से कर रहे बचाव
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लॉकडाउन अवधि से बंद पड़े पासपोर्ट कार्यालय को भले ही शासन के अनुमति के बाद खोल दिया गया हो, लेकिन कोविड-19 के अनुरूप वहां पर किसी भी प्रकार की विशेष व्यवस्था नहीं की गई हैं। जिसमेें न तो सैनिटाइजर और न ही आवेदकों का तापमान चेक करने के लिए थर्मल स्केनर हैं।
ऐसे में अगर जल्द विशेष इंतजाम नहीं किए गए तो वहां से संक्रमण फैलने की संभावनाएं प्रबल है। क्योंकि पासपोर्ट संबंधित कार्य बॉयोमीट्रिक होता हैं। हालांकि पासपोर्ट कार्यालय में सैनिटाइज करने के लिए मशीन रखी गई है, लेकिन उसमें अभी तक सैनिटाइजर नहीं डाला गया हैं।
आवेदक और कर्मचारी अपने आप कर रहे बचाव
जिस तरह से कोरोना का संक्रमण लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। उसकों देखते हुए पासपोर्ट कार्यालय में आने वाले आवेदक एवं पासपोर्ट कर्मचारी अपने सुरक्षा को देखते हुए खुद ही सैनिटाइजर एवं अन्य माध्यमों से अपना बचाव कर रहे हैं।
जिससे वह सभी संक्रमित न हो, लेकिन जब सभी आफिस में खास व्यवस्था की गई है तो पासपोर्ट आफिस में अभी तक क्यों नहीं की गई। दरअसल शासन की अनुमति के बाद प्रतिदिन पासपोर्ट कार्यालय में नियमानुसार 20 आवेदकों की पासपोर्ट संबंधी कार्य को किया जा रहा है।

जिससे ज्यादा भीड़ एकत्रित न हो सकें, लेकिन फिर भी पासपोर्ट कार्यालय को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हालात ये है कि पासपोर्ट आफिस जबसे खुला है, तब से पासपोर्ट आफिस में पानी की व्यवस्था की मांग की जाती रही है, लेकिन अभी तक यह मांग सिर्फ मांग तक सीमित है।
पीने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं, पासपोर्ट आफिस में सैनिटाइज के लिए मशीन तो रखी गई है,पर सिर्फ शोपीस में ही रखी हुई है। उसके लिए अभी तक केमिकल का प्रबंध नहीं किया गया हैं।
इस संबंध में मेरठ कैंट की सीनियर पोस्ट मास्टर जीएल शर्मा का कहना है कि एक दो दिन में पासपोर्ट आफिस में कोरोना के नियमों के अनुरूप सैनिटाइजर एवं अन्य प्रकार की व्यवस्था कर दी जाएगी। जिससे आवेदकों को परेशानी न हो।

