- नगर निगम की उदासीनता से जनता समस्याओं से ग्रस्त
- मुस्लिम बाहुल क्षेत्र की जनता मानवाधिकारों से वंचित
- सफाई की अव्यवस्था सार्वजनिक मार्गों पर फैला पानी, रास्ते बंद
- सड़कों की खस्ता हालत बनी लोगों के लिए मुसीबत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यदि सरकार की जन सुविधा और नगर निगम की जनता के प्रति संवेदनशीलता देखनी हों तो इसका अंदाजा लिसाड़ी गेट क्षेत्र की दो दर्जन से भी अधिक मलीन बस्तियों का निरीक्षण करने से स्वयं रूबरू हो जाएगा। लोग नर्क की बात करते हैं, इस क्षेत्र की एक लाख से भी अधिक की संख्या में लोग जिस तरह जिंदगी जी रहे हैं, यह उनकी मायूसी एवं उपेक्षा से झलकता है। लोगों का तो यहां तक कहना है कि विकास के नाम पर मुस्लिम इलाकों की अनदेखी की जा रही है। लोगों का दर्द जानने के लिये जनवाणी की टीम पीड़ित जनता के इलाकों में पहुंची और लोगों की समस्याएं सुनी और समस्याओं से रूबरू हुए।

बात करते हैं खुशहाल नगर की, यहां के लोग दर्द भरी जिंदगी जी रहे हैं। यहां नाली खड़ंजे की जर्जर हालत के कारण गली-पांच में गंदा पानी भरा होने से गली का आवागमन ही बंद पड़ा है। लोग दूसरे गली से अपने घर तक आ जा रहे हैं। क्षेत्र के नफीस अहमद व जमील ने बताया कि क्षेत्रीय पार्षद से लेकर नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। श्यामनगर रोड पर चले तो जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आएंगे। यहां एक मीट शॉप की दुकान के सामने सफाई कर्मियों ने अस्थायी रूप से कूड़ा केन्द्र ही बना दिया है।
शॉप पर मौजूद सरफराज ने बताया कि सफाई कर्मी आसपास की बस्तियों से तीन पहिया वाहनों से कूड़ा लाते हैं और यहां पर फेंक जाते हैं। जिस कारण यहां बदबू का बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि यह मंजर यहां लगे सीसीटीवी कैमरों में देखा जा सकता है। कई-कई दिन तक कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम का कोई बड़ा वाहन नहीं आता। जिससे यह क्षेत्र की मुख्य समस्या बनी हुई है।
सड़कों पर बह रहा गंदा पानी
समर गार्डन 60 फुटा रोड का तो बुरा हाल है, यहां एक गली में नाली का गंदा पानी भरा है। खासकर महिलाओं को यहां से गुजरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़रहा है। मार्गों का हाल जानना है तो कमेला रोड, श्याम नगर, फतेहउल्लापुर रोड एवं अहमद नगर कब्रिस्तान मार्ग पर आ जाएं। इन मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं। सड़कों की खस्ता हालत से लोगों के वाहन खराब हो रहे हैं। कमेले रोड पर एक ई-रिक्शा चालक सईद अहमद ने बताया कि टूटी पड़ी सड़क पर गाड़ी चलाना दुश्वार हो रहा है, लेकिन बच्चों का पेट भरने के लिये इस परेशानी को झेलना पड़ रहा है।
सीवर का ढक्कन ही गायब

कमेला रोड पर हरी के पुल के पास पुलिया पर बने सीवर का ढक्कन ही नहीं है। जहां कभी भी रात में कोई भी हादसा हो जाएगा। राह चलते लोग सीवर में झांकते हुए नगर निगम प्रशासन की व्यवस्था को कोस्ते हैं। इसी क्रम में जामिया चौक से मदरसे वाले मार्ग पर गंदा पानी भरा रहने से लोगों का यहां से गुजरना दर्द भरा है।
अतिक्रमण से कराह रही सड़क
गोलाकुआं से आजाद रोड की ओर गोलाकुआं से लिसाड़ी रोड चौराहे की इन दोनों मार्गों की इतनी बुरी हालत है कि वाहनों को आड़े तिरछे मार्गों से गुजरना पड़ता है। आजाद रोड की जर्जर हालत के बारे में क्षेत्र के मेराजुद्दीन अंसारी एवं निजाम अहमद बताते हैं कि करीब तीन वर्षों से सड़क की खस्ता हालत से लोग परेशान है। यही दशा गोला कुआं से पुल भुमिया रोड की है जहां रात दिन ट्रैफिक चलता है, लेकिन सड़क का निर्माण कराने में जिला प्रशासन की कोई रुचि नजर नहीं आती।

