- वक्त से बिजली के बिल जमा करने के बाद भी उनके हिस्से में अघोषित कटौती आ रही
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जानलेवा गर्मी और बिजली की अंधाधुंध कटौती ने लोगों शहर हो या देहात लोगों का पसीना निकाल रख दिया है। मेरठी बिजली बिल भरने में कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं। वक्त से बिजली के बिल जमा करने के बाद भी उनके हिस्से में अघोषित कटौती आ रही है। लोगों का कहना है कि एक तो जानलेवा गर्मी उस पर बिजली की अंधाधुंध कटौती जिए तो जिए कैसे। वहीं, दूसरी ओर आमजन की यदि बात की जाए तो लोगों का कहना है कि जानलेवा गर्मी और बिजली की कटौती ने पसीना-पसीना किया हुआ है। देहात से लेकर शहर तक बिजली की अंधाधुंध कटौती की जा रही है। विद्युत कटौती ने लोगों को हाल बेहाल कर दिया है।
स्थिति यह है कि 10 से 11 घंटे भी विद्युत आपूर्ति नहीं हो रही है। इस संबंध में लोग आए दिन विभागीय अधिकारियों को शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि शहरी क्षेत्रों में 24 और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली की आपूर्ति दी जा रही है। लोगों की यह भी शिकायत है कि 10 घंटे में भी लो-वोल्टेज ने गर्मी में जीना मुहाल कर रखा है। शहर में तो फिर भी आठ से दस घंटे लाइट आ रही है, लेकिन गांवों की स्थिति तो इससे भी खराब है।
इसमें भी लोग दिन में तो जैसे-तैसे काम चला लेते हैं, लेकिन रात में होने वाली बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी को दोगुना कर दिया है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन करेगे। वहीं, इस संबंध में पीवीवीएनएल चीफ धीरज सिन्हा का कहना है कि शत प्रतिशत बिजली आपूर्ति की जा रही है। जहां पर उपकरण बदलने का काम चल रहा है वहां छोटा मोटा शट डाउन लिया जाता है।
बिजली चोरी पर अब तक 236 एफआईआर
बिजली चोरों के खिलाफ 7 जून से शुरू किए गए अभियान में अब तक 236 के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जा चुकी है। विद्युत लाइन हानियों को कम करने के उद्देश्य से एमडी ईशा दुहन के निर्देशन में विभागीय एवं प्रवर्तन दल का संयुक्त विद्युत चोरी रोको विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में कुल 789 संयोजन चेक किये गये जिसमें से 236 प्रकरणों में सीधे विद्युत चोरी पकड़ी गयी, जिसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करायी गयी एवं 368.25 लाख की बकाया वसूली की गयी। बिजली चोरी रोकने के लिए शुरू किए गए अभियान में कठोर कार्रवाई के आदेश एमडी ने दिए हैं। वहीं, दूसरी ओर बकाएदारों से बिल जमा करने को भी आग्रह किया जा रहा है।
एमडी पावर ने बताया कि बिजली चोरी रोकने में सहयोग करके उपभोक्ता बेहतर बिजली पा सकते हैं। उपभोक्ताओं से अपील है कि मीटरों से छेड़छाड़ न करें और इसके लिए प्रलोभन देने वाले व्यक्ति की तुरंत सूचना दे। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रहेगा। विद्युत बिलों का नियमित भुगतान करे एवं मीटर मे शंट, कटिया, तार, ट्रांसफार्मर एवं तेल चोरी आदि विद्युत चोरी कि शिकायत बिजली मित्र पोर्टल या विद्युत हेल्पलाइन नंबर 1912 पर दर्ज कराए, जिससे कि ऐसे अराजक तत्वों को कतिपय पकड़ा जा सके एवं जिससे भविष्य में विद्युत सामग्री चोरी की घटनाओं पर रोक लग सके तथा विभाग को चोरी से होने वाली वित्तीय हानि से बचाया जा सके।

