Saturday, February 21, 2026
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कृपया ध्यान दें! शहर में बनी 366 अवैध कॉलोनी

  • मकान खरीदना है तो जरा बचकर, पब्लिक को जागरूक करने के लिए मेडा ने जारी की अनअप्रूव्ड कालोनी की लिस्ट
  • सस्टे रेट पर प्लाट और मकान देकर बसाई जाती है अवैध कालोनी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सावधान! अगर आप मेरठ में मकान व प्लाट खरीदने जा रहे हैं तो सावधान हो जाओ। शहर में 366 कालोनी अवैध बसी हुई है। जिसके मालिकों को मेडा ने ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया है। कई कालोनी में मेडा ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण भी किया। इसके साथ मेरठ में 271 कालोनी ही मेडा से अप्रूवड है। मेडा ने अवैध कालोनी व वैध कालोनी का लिस्ट जारी कर दी है। मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडे का कहना है कि अनअप्रूव्ड कालोनी की लिस्ट जारी कर दी गई है। लोगों से अपील की गई कि वह अनधिकृत कालोनी में मकान व प्लाट न खरीदें।

शहर में पिछले कई सालों में देहात से लेकर बाइपास पर खाली पड़ी खेत की जमीनों पर लोगों ने प्लाटिंग करके कालोनी बसा ली। धीरे-धीरे मेरठ में अवैध कालोनी बसती चली गई। शहर में 366 अवैध कालोनी बसी हुई है। कालोनी बसाने वाले खेत मालिक व प्रोपराइटरों को मेडा ने ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया है। कई कालोनियों पर बुलडोजर की कार्रवाई भी की, लेकिन मेरठ जिले में अवैध कालोनी पर लगाम नहीं लग सकी। कई कालोनी में हजारों की तादाद में लोग अपने मकान बनाकर निवास भी कर रहे है। जिन्हें मेडा अधिकारी चाहकर भी ध्वस्तीकरण नहीं कर सकता।

अनअप्रूव्ड कालोनी से सस्ते रेट पर मिलते हैं प्लाट व मकान

प्रॉपर्टी डीलरों का कहना है कि अनअप्रूव्ड कालोनी में मकान व प्लाट के रेट सस्ते होते है। जबकि अप्रूव्ड कालोनी में मकानों व प्लाट के रेट महंगे होते हैं। लोग सस्ते रेट के कारण अनअप्रूव्ड कालोनी में प्लाट व मकान खरीद लेते हैं। जब वह जाकर रहने लगते हैं तो उन्हें पता चलता है कि कालोनी अप्रूव्ड नहीं है। जैसे ही वह मकान बनाना चाहते हैं तो मेडा की टीम आकर ध्वस्तीकरण कर देती है।

अप्रूव्ड कालोनी में मिलती है सभी सुविधा

अप्रूव्ड कालोनी में बिजली, सड़क, पार्क व पानी समेत सभी सुविधा मिलती है। इसके साथ कालोनी में बाउंड्रीवॉल व पानी की टंकी व गार्ड की भी सुविधा रहती है। इसके साथ अप्रूव्ड कालोनी को बैंक लोन भी आसानी से दे देता है।

अप्रूव्ड कालोनी में नहीं मिलती सुविधा

अप्रूव्ड कालोनी खेतों को काटकर बना दी जाती है। बिल्डर या खेत मालिक सड़क व पार्क, बिजली की सुविधा नहीं देता। बिजली के खंभे भी नहीं लगाए जाते। जिससे वहां पर रहने वालों को काफी परेशानी होती है।

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