
हमारा देश भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। जीवन के हर क्षेत्र में देश नित नए उपलब्धियां हासिल कर रहा है। बावजूद इसके देश में गरीबी की समस्या के समाधान का कोई ठोस फामूर्ला हमारे पास नहीं है। पिछले 75 सालों में कई दलों की सरकारों ने देश की बागडोर संभाली। हर सरकार ने गरीबी खत्म करने की वायदें किए, लेकिन मामूली सुधार ही इस दिशा में दिखाई दिया। अक्सर देश में यह चर्चा होती है कि देश में गरीबी घटी है या बढ़ी है? असल में यह मसला जहां अर्थशास्त्रियों की बहस का मुद्दा रहा है वहीं दूसरी तरफ देश का आम आदमी भी इस सवाल का जवाब जानना चाहता है। खाासकर तब जब आजादी के बाद से ही देश में हर सरकार गरीबी हटाने को अपना मिशन बनाती रही हैं। लेकिन, 75 साल बाद भी यह ऐसी बहस है जो खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।