Friday, March 13, 2026
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भाजपा के एक मंत्री के दबाव में है पुलिस-प्रशासन: मदन भैया

  • भंगेला बाईपास हाइवे पर पुलिस प्रसाशन ने रोका नव निर्वाचित विधायक का काफिला
  • पुलिस ने वापस लौटाए विधायक मदन भैया, समर्थकों ने की नारेबाजी

जनवाणी संवाददाता |

खतौली: उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी सैनी को भारी मतों से हराकर विधायक निर्वाचित हुए मदन भैया के काफिले को पुलिस-प्रशासन ने भंगेला बाईपास हाईवे पर रोक दिया। निर्वाचित विधायक के काफिले को पुलिस ने बैरियर लगाकर करीब एक घंटा तक रोके रखा।

इस दौरान खतौली विधायक मदन भैया ने कहा कि पुलिस-प्रशासन लखनऊ के नहीं, बल्कि जनपद के एक केंद्रीय राज्यमंत्री के इशारे पर काम कर रहा है। उन्हें जीतने के बाद भी खतौली की जनता के बीच जाने से रोका जा रहा है। यह लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है।

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बता दे खतौली में हुए उपचुनाव में भारी मतों से भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी सैनी को मात देकर शनिवार को नव निर्वाचित विधायक मदन भैया अपने काफिले के साथ नेशनल हाइवे से होते हुए खतौली पार्टी कार्यालय पर आ रहे थे। जहा उनका स्वागत कार्यक्रम होना था। इस दौरान पहले उनका काफिला मोदीपुरम स्थित सिवाया टोल प्लाजा पर प्रसाशन द्वारा रोका गया।

इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भंगेला पुलिस चौकी पर अर्द्ध् सैनिक बल के साथ विधायक मदन भैया की गाड़ियों के काफिले को रोक दिया। मदन भैय्या का काफिला रुकने पर समर्थक आक्रोशित हो गये। और प्रसाशन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। समर्थकों व पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझाेंक हुई।

एसडीएम जीत सिंह राय और सीओ राकेश कुमार सिंह ने विधायक मदन भैया से वार्ता की, इसके बाद भी समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक मदन भैया ने अपनी गाड़ी से उतरकर समर्थकों को शांत किया। पत्रकारों से वार्ता कर बताया कि वह जीतने के बाद अपनी विधानसभा खतौली आ रहे थे। उन्हें पुलिस ने कानून व्यवस्था बिगड़ने के नाम पर रोका जा रहा है। जनपद का पुलिस-प्रशासन एक केंद्रीय राज्यमंत्री के इशारे पर काम कर रहा है।

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पुलिस निर्वाचित जनप्रतिनिधि को रोक कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। कहा कि अब वह शपथ ग्रहण करने के बाद फिर से आएंगे। वह निरंतर खतौली की जनता के बीच रहकर काम कराएंगे। लगभग एक घंटे तक जद्दोजहद के बाद पुलिस प्रसाशन ने विधायक मदन भैया का काफिला वापस गाजियाबाद की ओर रवाना कर दिया। उन्हें खतौली में नहीं आने दिया गया। इससे समर्थकों में मायूसी छा गई।

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