जनवाणी संवाददाता |
खेकड़ा: पुलिस ने क्षेत्र के सुभानपुर गांव के पुस्ते से एक 25 हजार के इनामी समेत दो गौतस्करों को गिरफ्तार किया है। वह दोनों नूरपुर मुजविदा में हुई गौकशी की घटना में भी शामिल थे।
पुलिस ने उनके पास से एक तमंचा व दो छुरे बरामद किए हैं। पुलिस ने विधिक कार्रवाई करते हुए गुरूवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
बुधवार को देर शाम पुलिस को सुभानपुर पुस्ते पर संदिग्ध लोंगो के होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस पुस्ते पर पहुंच गई। वहां पुलिस को दो लोग नजर आए जिन्होंने पुलिस को देखते ही उन्होंने भागने का प्रयास किया।
पुलिस ने घेराबन्दी कर उन दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम शहजाद पुत्र नूर मोहम्मद निवासी बागपत व लुकमान पुत्र मुस्तकीम निवासी बड़ौत बताया। पुलिस ने उनके पास से एक तमंचा 315बोर व दो छुरे बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार वह दोनों नूरपुर मजविदा की गौकशी की घटना में शामिल थे और पुलिस को उनकी तलाश थी। पुलिस ने बताया कि वह बुधवार को भी गौकशी करने की फिराक में ही आए थे।
शहजाद है 25 हजार का इनामी
पुलिस के अनुसार बागपत निवासी शहजाद पर बागपत, बड़ौत पव अन्य कई थानों में गौकशी के मुकदमे दर्ज है। जिसके चलते उस पर पच्चीस हजार का ईनाम घोषित किया गया है। कोतवाली पुलिस को भी उसकी गौकशी मामले में तलाश थी।
हंगामा करने वाले चार के विरूद्ध मुकदमा
पच्चीस हजार के इनामी शहजाद की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार की शाम माता कालोनी के लोगों ने कोतवाली के गेट पर धरना देते हुए हंगामा किया था। परिजनों को आरोप था कि शहजाद निर्दोष है और उसके विरूद्ध कोई मुकदमा दर्ज नहीं है और पुलिस उसे फर्जी मुकदमे में फसाना चाहती है।
पुलिस काफी समझाने बुझाने के बाद वह शांत हुए थे। कोतवाली प्रभारी ने उन्हें बताया था कि कोतवाली पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। वह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि किस थाने की पुलिस उसे ले गई है। कोतवाली के गेट पर भीड़ इकठ्ठी कर कोरोना संक्रमण फैलाने का प्रयास करने के आरोप में नसरीन, इरशाद छोटी आदि के विरूद्ध कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।


जय जनवाणी