विश्वाश पिलौना की गिरफ्तारी का मामला
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: वांछित होने के चलते पुलिस ने विश्वाश पिलौना को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन उसे रंगदारी मांगने के दर्ज मुकदमे में जेल नहीं भेज पाई। विवेचना अधिकारी द्वारा साक्ष्य नहीं जुटाए जाने के चलते उसे एक वारंट में जेल भेजा गया है। अपराधिक इतिहास के चलते पुलिस के रडार पर चल रहे विश्वास पिलौना की पुलिस ने बीती शाम गिरफ्तारी की थी। उसके खिलाफ गत 3 मई को गांव के ही निवासी पशुधन प्रसार अधिकारी सनोज कुमार की ओर से एक मुकदमा दर्ज किया गया था। वह स्थानीय थाने से वांछित चल रहा है।
फलावदा थाने में दर्ज इस मुकदमे में विश्वास पर 5 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप है। बताया गया है कि विश्वास ने फलावदा थाने में चुनावी रंजिश के चलते फर्जी मुकदमा दर्ज कराए जाने का आरोप लगाकर मामले की जांच की मांग उठाई थी। पुलिस इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।
पुलिस ने गत शाम विश्वास को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन विवेचना अधिकारी द्वारा सबूत संकलन नहीं किए जाने के कारण पुलिस विश्वास को इस मुकदमे में जेल नहीं भेज पाई। पुलिस ने उसे मवाना थाने में दर्ज प्राणघातक हमले के एक मुकदमे में जारी वारंट में गिरफ्तार दिखाया है।
रंगदारी के मुकदमे के विवेचक जितेंद्र कुमार ने इस प्रकरण में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार कर दिया।आई ओ कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।सीओ मवाना उदय प्रताप सिंह ने बताया कि साक्ष्य संकलन के बाद रंगदारी के मुकदमे भी उसका रिमांड लिया जाएगा।

