- शास्त्रीनगर स्थित खरबंदा सैलून पर मारपीट को लेकर व्यापारियों ने एसपी सिटी का घेराव किया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शास्त्रीनगर स्थित खरबंदा सैलून पर मारपीट को लेकर व्यापारियों ने एसपी सिटी का घेराव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला के साथ आए लोगों ने जमकर मारपीट की। पुलिस ने उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया। उन्होंने एसपी सिटी को अल्टीमेटम दिया कि मारपीट करने वालों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो वह भगत सिंह मार्केट बंद करके अपनी दुकानों की चॉबी पुलिस को सौंप देंगे। व्यापारियों का अल्टीमेटम मिलते ही पुलिस ने उनका मुकदमा दर्ज कर लिया।
शास्त्रीनगर में आस्ट्रेलिया से भतीजे की शादी में आई एक महिला भतीजी के साथ शास्त्री नगर स्थित खरबंदा ब्यूटी पार्लर में गई। हेयर वाश करने के ब्यूटी पार्लर कर्मचारी की महिला से कहासुनी हो गई। कुछ ही देर में महिला के परिजन ब्यूटी पार्लर में पहुंचे। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ। शनिवार को मेरठ व्यापार मंडल के जीतू नागपाल व शैंकी वर्मा के नेत्त्व में काफी संख्या में व्यापारी एसपी सिटी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को एक शिकायती पत्र दिया।
उन्होंने कहा कि ब्यूटी पार्लर संचालक के साथ मारपीट की घटना को 24 घंटे से ज्यादा हो गए। नौचंदी थाने में मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 24 घंटे में यदि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो भगत सिंह मार्केट के व्यापारी चॉबी उन्हें सौंप देंगे। अल्टीमेटम मिलते ही पुलिस ने अज्ञात में कई लोगों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया। जबकि उन्होंने पुलिस को पहले तहरीर दी। उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया।
कब्रिस्तान का मामला फिर सीएम तक पहुंचा
मेरठ: तेजगढ़ी चौराहे के समीप ए ब्लाक शास्त्रीनगर में बने कबिस्तान का मामला फिर से मुख्यमंत्री के दरबार पहुंच गया है। इस कब्रिस्तान को लेकर कई बार विवाद खड़ा हो चुका है और कानून व्यवस्था तक की स्थिति बनी। कब्रिस्तान को ल्ोकर मुख्यमंत्री से शिकायत की गयी है कि यह पहले दलितों का श्मशान घाट था, लेकिन इसे कुछ माफियाओं ने कब्जाकर कब्रिस्तान में तब्दील कर दिया और मस्जिद भी बना ली। अब जमीन को खुर्द बुर्द करने की तैयारी हो रही है। पूरे मामले में जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गयी है।
तेजगढ़ी चौराहे के समीप ए-1 शास्त्रीनगर की भूमि पर कब्रिस्तान को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। कई बार झगड़े झंझट भी हो चुके हैं। यह मामला फिर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के दरबार में पहुंचा है। दरअसल जूना अखाड़े ने इस प्रकरण की जिम्मेदारी भाजपा पशुपालन प्रकोष्ठ के पूर्व महानगर अध्यक्ष राहुल ठाकुर को सौंपी है। ठाकुर ने ही पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है जिसमें बताया कि तेजगढ़ी चौराहे के समीप ए ब्लाक शास्त्रीनगर में कुछ मुस्लिमों ने दलितों के श्मशान पर कब्जा कर लिया था औरे अब कुछ माफिया कब्रिस्तान की भूमि पर अपना दावा कर रहे हैं। यह पूरा क्षेत्र हिंदू आबादी में स्थित है। पत्र में कहा गया है कि 1976 से पहले यह भूमि शहर के प्रमुख स्थान और हिंदू आबादी में स्थित थी,
लेकिन जिला प्रशासन और नगर निगम की लापरवाही और पटवारी की मिलीभगत से यह जमीन एक वर्ग विशेष के कब्जे में चली गई। औरंगशाहपुर डिग्गी के शरीफ अहमद ने यहां अवैध तरीके से कबिस्तान बना दिया। साथ ही मस्जिद का निर्माण भी कर लिया। यहां नमाज भी पढ़ी जाने लगी। राहुल ठाकुर ने पत्र के जरिये मुख्यमंत्री से मांग की कि मामले मेँ जिला प्रशासन को आदेशित किया जाए कि वहइस हिंदू समाज की भूमि को खाली कराकर मूल हिंदू पट्टा धारक को वापस दिलाई जाए अन्यथा करोड़ों रुपये की इस बेशकीमती भूमि का उपयोग एक वर्ग विशेष के अवैध कब्जाधारियों द्वारा किया जाएगा। हिंदू अपने अधिकारों से वंचित हो जायेंगे।

