- काश, समय रहते मिल जाती लोकेशन तो शायद अनहोनी बच जाती
जनवाणी ब्यूरो |
नजीबाबाद: नैनीताल से रूड़की जा रही तहसीलदार की बुलेरो कार के पूर्वी गंग नहर में रैलिंग तोड़ कर गिरने की लोकेशन नजीबाबाद पुलिस प्रशासन को यदि समय रहते मिल जाती तो शायद इस बड़ी अनहोनी से बचा सकता था।
गाड़ी के नहर में गिरने की स्थानीय पुलिस को सूचना मिली तो हड़कंप मच गया और सूचना के लगभग 6 घंटे तक पुलिस प्रशासन सहित पूरा अमला लोकेशन तलाशता रहा तब सुबह 4 बजे लोकेशन मिलने पर रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया गया परंतु तब तक वाहन में सवार रूड़की तहसीलदार सहित तीनों लोगों के शव ही मिल सके।
रूड़की की तहसीलदार नैनीताल से प्रशिक्षण लेकर रूड़की अपनी बुलेरो कार में वापस जा रही थी। शनिवार उक्त बुलेरो कार रात्रि लगभग 10बजे श्रवणपुर नहर के समीप पूर्वी गंग नहर की रैलिंग तोड़ कर उसमें जा गिरी। गाड़ी में रूड़की तहसीलदार सुनैैना राणा उनका चालक सुन्दर सिंह व अर्दली ओमपाल सिंह मौजूद थे।
गाड़ी के नहर में गिरने के बाद स्थानीय पुलिस तक ही सूचना पहुंचनें में काफी विलंब हुआ और रात्रि लगभग 12 बजे स्थानीय पुलिस को जब तक पुलिस को सूचना मिली और बिजनौर प्रशासन को सूचित किया गया तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूत्रों की माने तो रात्रि ढाई बजे से रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया और पुलिस प्रशासन नजीबाबाद-कोतवाली के बीच दूसरे स्थानों पर नहरों में गाड़ी की तलाश करता रहा।
पुलिस को सही लोकेशन प्रात: 4 बजे उस समय मिली जब श्रवणपुर नहर के पास पुलिस टीम ने एक रैलिंग टूटी देखी परंतु उसके बाद गंग नहर में पानी का बहाव ज्यादा होने के कारण गाड़ी नजर नहीं आ रही थी। डीएम रमाकांत पान्डेय व एसपी धर्मवीर सिंह के मौके पर पहुंचने के बाद उनके आदेश पर नहर में पानी कम कराया गया जिसके बाद उक्त गाड़ी नहर में पड़ी दिखाई दी।
जिसके बाद बिजनौर व नजीबाबाद प्रशासन ने गोताखोरों को व क्रेन बुला कर उक्त गाड़ी को बाहर निकलवाने का कार्य किया परंतु गाड़ी में तीनों के शव ही मिल सके। कोतवाल संजय कुमार शर्मा का कहना है कि पुलिस सूचना मिलते ही लोकेशन की तलाश में जुट गई थी परंतु सही लोकेशन मिलने में काफी समय लगा।
मोबाइल पर संपर्क नहीं होने पर हुई खोजबीन शुरू
इस प्रकरण में यह बात भी सामने आई है कि उत्तराखंड के अन्य तहसीलदार भी नैनीताल में आयोजित की गयी विभागीय परीक्षा में सम्मलित होने के लिए गए थे। सभी अपने-अपने वाहनों से लौटे थे। हरिद्वार के तहसीलदार सरदार मंजीत सिंह के अनुसार साढ़े आठ बजे से पौने नौ बजे के बीच तहसीलदार रुड़की सुनयना से उनके मोबाइल पर बातचीत की गयी। हरिद्वार पहुंचने पर उनसे मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका।
इसके अलावा किसी ने भी उनके वाहन को रास्ते में आते हुए नहीं देखा था। उनके मोबाइल पर संपर्क न हो पाने पर मोबाइल को सर्विलांस पर लगवाया गया। जिससे उनकी लोकेशन नगीना व नजीबाबाद के बीच होना पाया गया। इसके बाद नजीबाबाद व बिजनौर पुलिस को सूचना देकर उनकी गाड़ी की तलाश की गई तब यह हादसा सामने आया।

