- बिहार और पश्चिमी बंगाल तक चस्पा किए जाएंगे पोस्टर
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: चार माह पूर्व दो अज्ञात युवतियों की हत्या के मामले में मृतक युवतियों की शिनाख्त न होने पर पुलिस अब नेपाल के साथ-साथ बिहार और पश्चिमी बंगाल के थाना क्षेत्रों में युवतियों की पहचान कराई जाएगी ।
इस वर्ष 20 मई को कैराना क्षेत्र के गांव जगनपुर के जंगल में दो अज्ञात युवतियों के शव मिले थे। युवतियों की हत्या धारदार हथियारों से की गई थी। बाद मेरठ से आयी फारेंसिक टीम ने शव मिलने के स्थान से खून के धब्बों का पीछा कर कैराना से सटी आर्यपुरी बंजारा बस्ती में एक संदिग्ध मकान तक पहुंची थी।
पुलिस और फारेंसिंक टीम को संदिग्ध मकान से मकान मालिक परिवार सहित गायब मिला था। इसके बाद फारेंसिक टीम ने मकान से खून के धब्बों के सेम्पल लेकर डीएनए मिलान के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजे थे जिनकी रिपोर्ट अभी तक नही आयी है। हत्या को चार माह बीत जाने के बाद भी न तो युवतियों की पहचान हुई और न ही हत्यारों का कोई सुराग हाथ लगा।

वहीं युवतियों की पहचान के लिए पुलिस अब नेपाल बॉर्डर से लगे थाना क्षेत्रों व रेलवे स्टेशनों पर मृतक युवतियों के फोटो चिपकायेगी ताकि अगर उस क्षेत्र की युवतियां गायब हुई हो तो उनका पता चल सके। इसके अलावा बिहार व पश्चिमी बंगाल जाने वाली ट्रेनों में भी मृतक युवतियों के पोस्टर चस्पा किए जाएंगे।
जिसके लिए कोतवाली में तैनात एसआई सुशील कुमार के नेतृत्व में पुलिस की टीम नेपाल बोर्डर के लिए रवाना हो गई। कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा ने बताया कि नेपाल बार्डर से सटे यूपी के सभी थानो, रेलवे स्टेशन के अलावा बिहार और बंगाल जाने वाली ट्रेनों में मृतक युवतियों के फोटो चस्पा किए जाएंगे।

