- कृषि विवि के डीन प्रोफेसर राजबीर पर जानलेवा हमले में साजिशकर्ता निकली महिला प्रोफेसर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि यूनिवर्सिटी के डीन प्रोफेसर राजबीर सिंह पर जानलेवा हमला करवाने वाली प्रोफेसर आरती भटेले की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। शूटरों को दिये गए पांच लाख रुपये प्रॉपर्टी डीलर ने दिये या फिर प्रोफेसर ने इसकी जांच के लिये पुलिस प्रोफेसर के बैंक एकाउंटस को भी खंगालेगी। पुलिस आरती के लौटने का इंतजार कर रही है।

प्रोफेसर राजबीर सिंह की हत्या कराने के लिये आशु चढ्डा और नदीम नामक बदमाशों को सुपारी किलर के रूप में बुलाया गया था। इसके लिये पांच लाख रुपये की सुपारी की बात हुई थी। जेल गए अनिल बालियान ने बदमाशों को एक लाख रुपये एडवांस में दे दिये थे।
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि बदमाशों को पांच लाख रुपये किसने दिये इसकी जांच बेहद जरूरी हो गई है। अनिल बालियान ने पूछताछ में बताया है कि उसे पैसे आरती भटेले ने दिये थे। इसकी पुष्टि के लिये आरती के बैंक एकाउंटस चेक किये जाएंगे, ताकि पता चल सके कि पैसे किसने दिये। वहीं जानलेवा हमले की आरोपी की तलाश में पुलिस लगी हुई है और अगर जरूरत पड़ी तो पुलिस आरती के होम टाउन मध्य प्रदेश के छतरपुर में भी जाएगी।
पहले भी विवादों में रही है आरती भटेले
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के डीन डा. राजबीर सिंह पर हमले का षड्यंत्र रचने वाली महिला प्रोफेसर आरती भटेले ने डीन बनने की चाह में खूनी खेल खेला। आरती भटेले को क्या पता था कि उसके द्वारा जो षड्यंत्र रचा जा रहा है, वह खुल जाएगा। आरती भटेले जबलपुर यूनिवर्सिटी से कृषि विवि मोदीपुरम में आई थी। भटेले ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर विवि में ज्वाइन किया था। यही से वह प्रोफेसर के पद पर प्रोन्नत हुई थी, लेकिन डीन बनने की चाह में वह इस कदर खो गई कि उन्होंने खूनी खेल ही रच दिया।
भटेले ने अपनी वरिष्ठता दर्शाते हुए राजभवन में भी दिसंबर 2021 में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह सीनियर होने के बावजूद उन्हे डीन नहीं बनाया गया। क्योंकि वह प्रोफेसर के पद पर है। उसके बाद भी उन्हे डीन के पद पर तैनाती नही दी गई। हालांकि उनकी शिकायत पर राजभवन से जांच पड़ताल भी हुई, लेकिन डा. राजबीर सिंह को विवि प्रशासन ने वरिष्ठता का हवाला देकर उन्हे डीन के पद पर काबिज करने की बात कही थी। हालांकि डा. राजबीर सिंह फरवरी 2023 में रिटायर होने वाले हैं, लेकिन भटेले को इतनी जल्द बाजी थी कि वह विवि प्रशासन से जब नाखुश हो गई तो उन्होंने डा. राजबीर सिंह को ही रास्ते से साफ करने का मन बना लिया।
…तो सस्पेंड होगी भटेले
न खुदा ही मिला न ही विसाल ए सनम न इधर के हुए न उधर के हुए इस शेर की पंक्तियां कृषि विवि की प्रोफेसर डा. आरती भटेले पर चरितार्थ होती है। क्योंकि भटेले ने सोचा था कि डा. राजबीर सिंह की हत्या होने के बाद विवि प्रशासन उन्हे वरिष्ठता के हिसाब से वैटेनरी डीन के पद पर काबिज करेगा, लेकिन उनका यह प्लान चौपट हो गया और भटेले न डीन बन सकी। अब भटेले को जेल जाना पड़ेगा और उनके जेल जाते ही विवि प्रशासन भटेले को सस्पेंड कर देगा।
तरह-तरह की चर्चाएं फैली
महिला प्रोफेसर का जानलेवा हमले में नाम आने के बाद से विवि में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। क्योंकि महिला प्रोफेसर इससे पहले भी कई विवादों में आने के कारण चर्चाओं में आ चुकी है। कृषि विवि के शिक्षकों में भी दहशत का माहौल देखने को मिल रहा है। जिसके चलते हर कोई इस प्रकरण में बात करने से परहेज कर रहा है। महिला प्रोफेसर द्वारा दी गई इस घटना को देखते हुए तरह-तरह की चर्चाएं आम हो रही है।
महिला प्रोफेसर को पुलिस जांच में माना दोषी
कृषि विवि के कुलपति प्रो. आरके मित्तल का कहना है कि इस प्रकरण में पुलिस जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य विवि को भेजे जाएंगे। उसके तहत कार्रवाई होगी।

महिला प्रोफेसर भटेले को इस प्रकरण में पुलिस ने अपनी जांच में दोषी माना है। अगर पुलिस की जांच में वह दोषी है तो विवि प्रशासन उन पर कार्रवाई करेगा। हालांकि इस प्रकरण की पूरी जानकारी राजभवन को दे दी गई है। जल्द ही बड़ी कार्रवाई होगी।

