Friday, March 13, 2026
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दिल्ली से लेकर लखनऊ तक सियासी पारा हाई

  • सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों के साथ की अहम बैठक

  • दोनों डिप्टी सीएम की गैरमौजूदगी से फिर चर्चाओं का दौर शुरु

  • प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने की प्रधानमंत्री व गृहमंत्री से मुलाकात


जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ/नई दिल्ली: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के तेवरों के बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ फ्रंटफुट पर खेलते नजर आ रहे हैं। संगठन और सरकार के बीच चल रही तथाकथित खींचतान के दरमियां बैठकों के सिलसिले लगातार जारी हैं।

यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि भूपेंद्र चौधरी ने दोनों को यूपी के मौजूदा हालात से अवगत कराया है। सूत्रों के हवाले से खबर ये भी है कि बैठक के दौरान भूपेंद्र चौधरी ने यूपी में पार्टी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए इस्तीफे की पेशकश की है।

इस बैठक के परिपेक्ष्य में माना जा रहा है कि हाईकमान यूपी में भाजपा के खऱाब प्रदशर्न का फीड बैक ले रहा है। एक कयास ये भी है कि भूपेंद्र चौधरी की प्रदेश अध्यक्ष पद से विदाई हो सकती है तथा संगठन और सरकार के मुद्दे को लगातार हवा दे रहे केशव मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष का ताज पहनाया जा सकता है। लेकिन, ये तय है कि भाजपा हाईकमान यूपी भाजपा में बदलाव करने को तो कटिबद्ध है लेकिन ये बदलाव संभवत उप चुनावों के बाद होंगे।

इस बीच सीएम योगी भी एक्टिव दिखे हैं और उन्होंने प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात भी की है। इससे पहले उन्होंने सूबे में होने जा रहे उपचुनावों की बाबत मंत्रियों की बैठक की। बैठक में दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक की गैरमौजूदगी ने सियासी गलियारों में फिर सरगर्मियां तेज कर दीं हैं।

यूपी भाजपा में लोकसभा चुनाव के दौरान अपेक्षित प्रदर्शन न होने से घमासान मचा हुआ है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सोशल मीडिया पर संगठन और सरकार से जुड़े ट्वीट कर रहे हैं।

बुधवार को भी जब सीएम योगी मंत्रियों के साथ मीटिंग कर रहे थे तो मौर्य ने फिर वो ही ट्वीट दोहराया, जिसमें उन्होंने संगठन को सरकार पर तरजीह देने की बात की थी। गौरतलब है कि केशव प्रसाद मंगलवार को भूपेंद्र चौधरी के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा से मिलने पहुंचे थे। माना जा रहा था कि बैठक में नड्डा ने एकजुटता बढ़ाने, कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा करने और बयानबाजी पर संयम बरतने की नसीहत दी थी।

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