- इस मार्ग पर अंधेरा भी हादसों की वजह बना हुआ
- एक साल में इस मार्ग पर हुए हादसों में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी
जनवाणी संवाददाता |
दौराला: सरधना से लेकर मसूरी तक सड़क में हो रहे गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए काल बनते जा रहे हैं। साथ ही इस मार्ग पर अंधेरा भी हादसों की वजह बना हुआ है। एक साल में इस मार्ग पर हुए हादसों में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हो चुके हैं।
लावड़ रोड पर अझौता मोड़ के पास ईद के दिन बाइक सवार सिवाया गांव निवासी हमीद की बाइक का टायर गड्ढे में पड़ गया था, जिस कारण बाइक अनियंत्रित हो गई और बाइक पर महिला सबीना गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। चीनी मिल के पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही मार्ग पर हो रहे गड्ढों को भरवाया गया था, लेकिन फिर से मार्ग में जगह-जगह गहरे गड्ढे होने लगे हैं।
सरधना से मसूरी तक मार्ग की बात करें तो मछरी गांव, मिलक गांव, दौराला ओवरब्रिज के पास, केमिकल फैक्ट्री के पास, मोहम्मदपुर, अझौता मोड़, लावड़ सब्जी मंडी, खरदौनी गांव में सबसे अधिक गहरे गड्ढे हो रहे हैं, जहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। सालभर की बात करें तो दौराला ओवरब्रिज के पास युवक की बाइक का पहिया गड्ढे में पड़ गया था और युवक की मौत हो गई थी। इसके अलावा पनवाड़ी गांव के पास गड्ढों को बचाने के फेर में टेंपो पलट गया था, जिसमें महलका गांव निवासी वृद्ध की मौत हो गई थी।
मवी गांव के सामने भी हादसे में युवक की मौत हो गई थी। लगातार गड्ढों को भरे जाने व मार्ग को दोबारा से बनाने की लोग मांग कर रहे हैं, इसके बावजूद मार्ग नहीं बनाया जा रहा। सरधना रोड पर बनाए गए ओवरब्रिज में गड्ढों के साथ अंधेरा भी पसरा हुआ है। ओवरब्रिज पर लगाई गई सभी लाइट खराब है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिस कारण हादसे बढ़ते जा रहे हैं।
बेटे की हत्या का मुकदमा दर्ज कराने को भटक रहा पिता
एक पिता बेटे की हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए भटक रहा है। उसने एसएसपी से मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित ने पहले ही परीक्षितगढ़ थाने की पुलिस से ऐलानिया कत्ल की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। थाना परीक्षितगढ़ क्षेत्र के अमरसिंहपुर गांव निवासी संजीव वर्मा पुत्र भोपाल सिंह बुधवार को कप्तान से इंसाफ की गुहार लगाने पहुंचा। पीड़ित का आरोप है उसका बेटा प्रियांशु गत 16 जून को मेरठ से घर लौट रहा था, लेकिन अगले दिन उसका गोली लगा शव गांव के ही रिंकू सोनी के खेत में बटिया के पास पड़ा मिला। इसके बाद प्रियांशु के पिता ने पुलिस में सुशील व अर्पण पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी।
पीड़ित पिता का कहना है कि दोनों ने पहले ही परिवार के सदस्यों का कत्ल करने का ऐलान किया था। जिसकी शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपियों ने बेटे की हत्या कर दी। पीड़ित पिता ने कप्तान से मिलकर चार आरोपियों सुशील, अर्पण, योगेंद्र व प्रवेश पर बेटे की हत्या का शक जताते हुए मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि मामले को लेकर परीक्षितगढ़ थाना पुलिस उसकी कोई मदद नहीं कर रही है, यहां तक कि नामजद तहरीर देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है।
हत्यारोपी दे रहे पीड़ित परिवार को धमकी
बीस दिन पहले बक्सर टेंपो स्टैंड के पास एक दुकान में युवक का खून से लथपथ शव मिला था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए एक युवती समेत पांच लोगो के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी अभीतक पुलिस ने किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए एसएसपी से मदद मांगी है। गौरतलब है कि बीती 28 मई को बक्सर टेंपो स्टैंड के पास सैनी गांव के रहने वाले मोनू उर्फ रोमेश का रक्तरंजित शव मिला था।
मामले को लेकर मृतक के परिजनों ने 30 मई को पांच लोगों पीके गुप्ता, विक्की, नितिन गुर्जर, गजेंद्र पंवार व मनीषा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। हत्या की वजह पैसे के लेन-देन को लेकर हुआ विवाद बताई गई थी। आरोप लगाया गया था कि हत्या से पहले भी मृतक युवक को अगवा किया गया था और आरोपियों ने किसी अनजान जगह उसे बंधक बनाकर रखा और उसके साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद घबराए परिजनों ने आरोपियों को कुछ पैसे दिए थे। जिसके बाद युवक का बंधन मुक्त किया कर दिया गया था, लेकिन आरोपियों ने उसकी बाइक वापस नहीं की जो आज भी उन्हीं के पास है।
आरोपी बाद में फिर से पैसे की मांग करने लगे थे, जबकि मृतक के ऊपर कोई देनदारी नहीं थी। पैसे की मांग पूरी नहीं करने पर आरोपी मोनू को जान से मारने की धमकी देते थे और अंत में वह अपने मकसद में कामयाब रहे। मोनू का शव जिस दुकान में मिला था वह बाहर से बंद थी, जिससे साफ होता है कि उसकी हत्या की गई है। पीड़ित पक्ष द्वारा नामजद तहरीर देने के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज तो कर लिया, लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। अब मृतक युवक के परिजनों ने कप्तान से मदद की गुहार लगाई है।

