जनवाणी संवाददाता |
कैराना: कोरोना संकट के समय जहां पोल्ट्री फार्मो को भारी नुकसान उठाना पड़ा था, वहीं अब बर्ड फ्लू के कारण पोल्ट्री फार्मो के मलिकों को फिर से नुकसान होने का डर सता रहा है।
पिछले साल कोरोना संकट के कारण 25 मार्च से देश भर में लॉकडाउन लग गया था। जिस कारण अंडो व मुर्गो की मांग में बेहद कमी आ गई थी। तब पोल्ट्री फार्मो का भारी नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन धीरे धीरे उनका व्यापार पटरी पर लौटने लगे तो अब बर्ड फ्लू फैलने के कारण फिर से पोल्ट्री फार्माे के मलिकों को नुकसान का डर सताने लगा। अलीपुर रोड पर स्थित फार्म पर मुर्गी पालन का काम किया जाता है।
फार्म के मुनीम रणबीर सिंह ने बताया कि उनके फार्म पर 40 हजार मुर्गियां हैं। जो प्रतिदिन करीब 20 हजार अंडे देती हैं। इन अंडो को इलाहबाद भेजा जाता है। जहां पर मशीनों द्वारा अंडो से चूजे तैयार किए जाते हैं। जिसके बाद उनका पालन होता है। लॉकडाउन में करीब 6 माह में उनकी फर्म को करीब 12 करोड का नुकसान हुआ था। धीरे धीरे उनका व्यापार पटरी पर लौटा है लेकिन अब बर्ड फ्लू का डर सताने लगाने है। हालांकि बर्ड फ्लू अभी तक उनके क्षेत्र में नहीं फैला है।
प्रतिदिन डाक्टर यहां मुर्गियो की जांच करते हैं। रामडा बाइपास पर कबीर पोल्ट्री फार्म में करीब 13 हजार मुर्गिया है जो प्रतिदिन करीब 10 हजार अंडे देती है। पोल्ट्री फार्म के मालिक जहांगीर सिददकी ने बताया कि लॉकडाउन में 10 लाख से अधिक का नुकसान हुआ था। अब अंडे की कीमत 5 रुपये 12 पैसे है जबकि लॉकडाउन के दौरान अंडों की खपत नहीं होने के चलते भाव 1.60 रुपये था। अभी इस क्षेत्र में बर्ड फ्लू का कोई खतरा नहीं है लेकिन आगामी समय में क्या हो किसी को नहीं पता।

