- गांव और तहसील से शुरू हुई विद्युत कटौती जिला मुख्यालयों तक पहुंची
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बरसात की कमी का हवाला देकर गांव और तहसील से शुरू हुई बिजली कटौती अब जिला मुख्यालयों तक पहुंच गई है। रविवार को महानगर के कई इलाकों में बार बार बिजली कटौती की गई। देश में यूपी में सर्वाधिक महंगी बिजली हैं। बिजली की कटौती हो रही हैं, लेकिन साथ ही फिक्सचार्ज पूरा वसूला जा रहा हैं। इस तरह से लोगों की जेब पर ऊर्जा निगम डाका डाल रहा हैं।
जब फिक्सचार्ज में कोई कमी नहीं है तो फिर बिजली कटौती क्यों की जा रही हैं। जिला मुख्यालय पर भी एक से दो घंटे की बिजली अलग-अलग टाइम में काटी जा रही हैं। तहसील स्तर पर भी एक घंटा सुबह और एक घंटा शाम को बिजली की कटौती की जा रही हैं, जिससे लोग बिलबिला गए हैं। ये हाल तो उस यूपी का है, जहां देश में सबसे महंगी बिजली हैं।
बाकी राज्यों में इतनी मंहगी बिजली नहीं हैं, फिर भी यूपी को कटौती झेलनी पड़ रही हैं। बिजली कटौती पर विपक्ष भी नहीं बोल पा रहा हैं। फिर बिजली के बिल भी लोगों को गलत भेजे जा रहे हैं। मीटर ज्यादा स्पीड से दौड़ रहे हैं, इसको भी विपक्ष नहीं उठा पा रहा हैं। हर रोज बिजली के बिल ठीक कराने वालों की लंबी लाइन ऊर्जा निगम के आफिस पर लगी रहती हैं, लेकिन फिर भी कोई सुधार नहीं हो रहा हैं।

ऊर्जा निगम के अफसरों की मनमानी के चलते लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा हैं। कोई ऊर्जा निगम का अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। ऊर्जा निगम की ओर से पहले ही संकेत दिए गए हैं कि सितंबर महीने में बिजली कटौती हो सकती है। इसका पहला असर देहात क्षेत्र और तहसील मुख्यालयों की आपूर्ति में होने वाली कटौती के रूप में देखने को मिला। अब कटौती की जद में महानगर भी आ गए हैं। हालांकि विभाग की ओर से इसे घोषित नहीं किया जा रहा है।
रविवार को मवाना रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी, छिपी टैंक, लिसाड़ी गेट, कचहरी क्षेत्र, कैंट क्षेत्र समेत कई इलाकों से शिकायत की गई कि दिन में कई बार बिजली की कटौती की गई। उपभोक्ताओं का कहना है कि इन दिनों उन्हें बिजली बहुत महंगी पड़ रही है। विभाग की ओर से बिजली आपूर्ति हो या न हो, लेकिन फिक्स चार्ज हर समय चलता रहता है। वैसे भी प्रदेश में बिजली की दरें अन्य राज्यों के मुकाबले काफी ज्यादा रहती हैं।
सरधना तहसील मुख्यालय पर सुबह और शाम कटौती की जा रही हैं। शाम को 5 बजे से 6 बजे तक बिजली की कटौती हुई। इसी तरह से मवाना तहसील मुख्यालय पर बिजली कटौती का सुबह और शाम को सामना करना पड़ रहा हैं। बीच-बीच में भी कई बिजली के कट लग जाते हैं। व्यवसायिक बिजली कनेक्शन का उपयोग करने वालों की तो ऊपर से फिक्सचार्ज से एक तरह से उनकी जान ही निकल गई हैं।

