Friday, February 13, 2026
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शासन और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बीच वार्ता सफल, आज से कार्य शुरू

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में शुरू किया गया कार्य बहिष्कार का आंदोलन मंगलवार देर शाम ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से वार्ता करने के पश्चात समिति ने वापस ले लिया हैं। बुधवार से सभी कर्मचारी व अधिकारी अपने कार्योलय में उपभोक्ताओं के हितों के लिए कार्य करेंगे।

ये जानकारी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति मेरठ के संयोजक इ. रोहित कुमार ने दी। उन्होेंने बताया कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों की मंगलवार सुबह से शासन के अधिकारियों व बिजली मंत्री से इस संबध में वार्ता चल रही थी। जो देर शाम तक सभी बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद वार्ता सफल हुई।

वार्ता में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने समिति के पदाधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में या किसी अन्य क्षेत्र के विघटन एवं निजीकरण किसी अन्य संस्था को स्थापित करने का प्रस्ताव वापस लिया जाता है। उत्तर प्रदेश में विद्युत वितरण निगम की वर्तमान व्यवस्था ही विद्युत वितरण में सुधार के लिए कर्मचारी एवं अभियंताओं को विश्वास में लेकर कार्रवाई की जाएगी।

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कर्मचारी एवं अभियंताओं को विश्वास में लिए बिना उत्तर प्रदेश में किसी भी स्थान पर कोई निजीकरण नहीं किया जाएगा। साथ ही विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के साथ यह भी सहमति बनी है कि उपरोक्त बिंदु संख्या-1 के अनुसार उत्तर प्रदेश के विद्युत वितरण निगमों में वर्तमान व्यवस्था ही विद्युत वितरण में सुधार तथा राजस्व वसूली बेहतर उपभोक्ताओं के लिए सार्थक प्रयास किए जाएंगे।

वहीं, दूसरी ओर यह भी सहमति बनी कि वितरण के क्षेत्र में भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए बिलिंग एवं कलेक्शन एफिशियेंसी का लक्ष्य प्राप्त करने तथा उपभोक्ताओं को पूर्ण संतुष्ट करते हुए सार्थक कदम उठाते हुए विद्युत उपकेंद्र को आत्मनिर्भर बनाने में कार्य में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति प्रबंधक का शत-प्रतिशत सहयोग करेगी।

सुधार की उपरोक्त अनुसार कार्रवाई की इस वित्तीय वर्ष में एक जनवरी 2021 तक ऊर्जा मंत्री एवं प्रबंधन एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त समिति द्वारा मासिक समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही वर्तमान आंदोलन के कारण किसी भी संविदा कर्मी, विद्युत कर्मचारी, अवर अभियंता एवं अभियंता पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

आंदोलन के दौरान जिन स्थानों पर विद्युत कर्मचारियों, पदाधिकारियों, संस्थाओं के विभिन्न थानों में दर्ज हुए मुकदमे वापस
लिए जाएंगे। इन सभी बिंदुओं पर सहमति बनने पर ही विद्युत कर्मचारी संयुक्त समिति ने वर्तमान में जारी आंदोलन को वापस ले लिया है।

वार्ता में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक ई. शैलेन्द्र दुबे, राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के अध्यक्ष वीपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के इंजीनियर अखिलेश कुमार सिंह, महासचिव प्रभात सिंह, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन केन्द्रीय अध्यक्ष गोपाल वल्लभ पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहें।

आमजन का हित प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में: डीएम

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार रखा। इसको दृष्टिगत रखते हुए डीएम के. बालाजी ने मंगलवार को ऊर्जा भवन, विद्युत वितरण खंड मोहकमपुर, परतापुर आदि सब स्टेशनों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आमजन का हित प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।

साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हड़ताल के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित न हो, यह सुनिश्चित किया जाएं तथा यदि कहीं विद्युत लाइन या फीडर में फाल्ट आता है तो उसको प्राथमिकता पर तत्काल ठीक कराया जाये। इस अवसर पर एमडी पीवीवीएनएल अरविन्द मलप्पा बंगारी, एसएसपी अजय साहनी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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