- गढ़ी दौलत के मदरसे में जलसे में तलाबाओं की दस्तारबंदी
जनवाणी संवाददाता |
कांधला: गांव गढ़ी दौलत के मदरसा जामिया बदरूल उलूम में सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव हजरत मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि युवा वर्ग नशे की लत में पड़ता जा रहा है। हमें हर हाल में युवाओं को नशे की लत से दूर करना होगा। जलसे में दर्जनों तलबाओं की दस्तार बंदी की गई है। इस दौरान हजारों लोग मौजूद रहे।
कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत के मदरसा जामिया बदरूल उलूम में शनिवार को सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे को खिताब करते हुए जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने फरमाया कि अल्लाह ने इंसान को अशराफुल मखलूक बनाया है।
जो इंसान सच्चा, ईमानदार और बेईमानी नहीं करने वाला होगा, अल्लाह उस इंसान को दुनिया और आखिरत दोनों जगहों पर इज्जत से नवाजेंगा। उन्होंने लोगों से दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी हासिल करने की अपील की।

जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव हजरत मौलाना महमूद मदनी ने फरमाया कि आज का युवा वर्ग नशे की लत में पड़ चुका है। हम लोगों को अपने-अपने गांवों में कमेटी बनाकर नशे की लत में पड़ रहे युवाओं को सही रास्ते पर लाना होगा, अगर तुम्हारे गांव नशा मुक्त हो गए तो तुम्हारी नस्ले संवार जाएंगी।
उन्होंने जलसे में मौजूद मुस्लिम समाज के लोगों से दहेज लेने और देने पाबंदी लगाने का आहवान किया। जलसे में 13 हाफिज और 27 मौलानाओं की दस्तार बंदी की गई। 27 मौलानाओं को बुखारी शरीफ का आखिरी सबक देकर मौलाना की उपाधि दी गई। जलसे की निजातम मदरसा प्रबंधक हजरत मौलाना आकिल साहब व सदारत हजरत मौलाना महमूद मदनी के द्वारा की गई।
जलसे में हजरत मौलाना मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने देश में अमनो-अमान की दुआ कराई। जलसे में मौलाना इस्राईल, मौलाना अतहर, मौलाना जहूर, मौलाना तैय्यब, मौलाना ताहिर, मौलाना अरशद, मौलाना तहसीन, हाफिज दिलशाद, मास्टर शाह आलम, मौलाना इलियास, मौलाना कौसर, मौलाना मजहर हुदा, मौलाना कय्यूम सहित हजारों लोग मौजूद रहे।

