जनवाणी संवाददाता |
बागपत: प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक भले ही सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं के बेहतर होने के लाख दावें करें लेकिन बागपत में तड़पती गर्भवती द्वारा जिला महिला अस्पताल के बाहर बच्चे को जन्म देने से इसकी कलई खुल गई।
सोमवार की सुबह बागपत कोतवाली क्षेत्र के गांव गौरीपुर निवासी मोमिन अपनी पत्नी फरजाना को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। गर्भवती का टीकाकरण करने वाली आशा उसके साथ नहीं आई जबकि उसकी काफी मान मनौव्वल की गई। आशा के साथ न आने के कारण भर्ती नहीं किया गया। इसके चलते फरजाना प्रसव पीड़ा से तड़पने लगी। इससे वहां अपने मरीजों के साथ आई कुछ महिलाओं ने फरजाना की कपड़े से चारों ओर से परदेदारी की।
इस परदेदारी में फरजाना ने जिला महिला अस्पताल के बाहरी प्रसव पीड़ा से करहाते हुए बच्चे को जन्म दिया। महिला द्वारा बच्चे को अस्पताल के बाहर जन्म देने की सूचना पर अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। फिर भी, काफी देर बाद नवजात और महिला को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दूसरी ओर इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एसके चौधरी का कहना है कि गर्भवती को डिलीवरी अस्पताल के बाहर हुई लेकिन उसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है।

