छापे में पुलिस ने बरामद किया हथियारों का जखीरा और फैक्ट्री का भंडाफोड़, चार आरोपी दबोचे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: त्योहारों के मद्देनजर दिल्ली एनसीआर को दहलाने की तैयारी थी। इसके लिए हथियार तैयार किए जा रहे थे। लिसाड़ीगेट पुलिस ने हथियारों की खेप तैयार करने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए उससे जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देशी पिस्टल व तमंचे तैयार कर आॅन डिमांड उनकी सप्लाई करता था। गिरोह के तार गाजियाबाद, दिल्ली व हरियाणा से जुड़े हैं, जहां इनके गैंग के लोग सक्रिय हैं। दो लोग अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस लाइन में बुलायी गयी प्रेसवार्ता के दौरान एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिन से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि लिसाड़ीगेट अहमदनगर में अवैध हथियार तैयार किए जा रहे हैं। एक सूचना पर पुलिस ने साजिद पुत्र मोहम्मद यामीन के मकान पर छापा मारा। मौके से साजिद पुत्र मोहम्मद यासीन के अलावा रिहान पुत्र समीर व नावेद पुत्र इरशाद निवासी डी-ब्लॉक समर कालोनी थाना ब्रह्मपुरी और कय्यूम पुत्र हमीद निवासी रेलवे स्टेशन के पास गांव लिसाड़ी थाना लिसाड़ीगेट को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान मकान के अंदर से काफी संख्या में बने और अधबने तमंचे, पिस्टल व उनको बनाने में प्रयुक्त होने वाले उपकरण भी मिले। पुलिस का दावा है कि ये हथियार असामाजिक तत्वों तक भी पहुंचाए जाते हैं।
कई गिरोह को कर चुके हथियार सप्लाई
लोकल स्तर पर यह गिरोह फरमान, शबनम, मोहम्मद अली, अमन उर्फ बबलू व सादान पकौड़ी को पिस्टल, तमंचा सप्लाई कर चुका है। दो से तीन हजार रुपये में यह तमंचा और 20 से 22 हजार रुपये में पिस्टल तैयार करता है। साजिद छह वर्ष से यह काम करता आ रहा है। इस लिहाज से यह लगभग 300 से 350 तमंचे व पिस्टल सप्लाई कर चुका है। साजिद ने खुलासा किया कि फैक्ट्री के लिए अलग अलग जगह से माल जुटाया गया था। गाजियाबाद से मिलिंग मशीन और मेरठ के माधवपुरम से खराद मशीन लाई गई। फिलहाल उन लोगों का पता लगाया जा रहा है, जिनके द्वारा यह मशीनें दिलवाई गई थीं। इरशाद पुत्र जलालुद्दीन निवासी ब्रह्मपुरी व परवेज उर्फ फर्रू पुत्र खलील निवासी सराय बहलीम कोतवाली की तलाश कर रही है।
आन डिमांड करते थे हथियार तैयार
पुलिस का दावा है कि साजिद ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह माल तैयार करते हैं और आॅन डिमांड सप्लाई करते हैं। गाजियाबाद, दिल्ली और हरियाणा में उनका नेटवर्क है। हरियाणा के पलवल में रहकर लिसाड़ीगेट अहमदनगर निवासी इरशाद पुत्र वजीर सप्लाई का काम करता है। वह वहां से जेल भी जा चुका है। साजिद माल डिलीवर करता और आॅनलाइन पैसा ट्रांसफर हो जाता था।
पूछताछ के बाद मौलाना को छोड़ा
लिसाड़ीगेट पुलिस ने तमंचा फैक्ट्री की सूचना पर जहां दबिश दी थी, वहां पड़ोस में रहने वाले एक मौलाना को भी हिरासत में ले लिया था। लोगों ने मौलाना को बेकसूर बताते हुए हिरासत में लिए जाने का पुरजोर तरीके से विरोध किया था। बड़ी संख्या में तमाम लोग थाना लिसाड़ीगेट पहुंच गए थे। बाद में थाना लिसाड़ीगेट पहुंचे एसएसपी डा. विपिन ताडा ने उक्त मौलाना से पूछताछ की। बेकसूर पाए जाने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
इसके अलावा इस मामले में जिन दो को लिसाड़ीगेट पुलिस फरार बता रही है पता चला है कि वो दोनों माशूक व इरशाद दिल्ली पुलिस के कब्जे में है। दरअसल, तीन दिन पहले जब दिल्ली पुलिस ने लोहिया नगर के काशीराम कालोनी में दबिश देकर तमंचों का जखीरा बरामद किया था, उससे पहले से ही वो दिल्ली पुलिस की हिरासत में है। लिसाड़ीगेट पुलिस की कार्रवाई को भी दिल्ली पुलिस के छापे से जोड़कर देखा जा रहा है।