- संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानून रद्द करने, गन्ना मूल्य बढ़ाने, डीजल पर सब्सिडी देने की मांग
- वाहन चालकों से हुई नोकझोंक, पुलिस से भी उलझे, एंबुलेंस, स्कूल बस, पुलिस वाहन को नहीं रोका गया
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: बागपत में भारत बंद का मिला जुला असर ही देखने को मिला है, क्योंकि यहां सभी बाजार खुले रहे है और बाजारों में काफी चहल पहल देखने को मिली। भाकियू व रालोद कार्यकर्ताओं ने दिल्ली-सहारनपुर हाइवे, बागपत-मेरठ मार्ग व संपर्क मार्गों पर धरना व मानव श्रंख्ला बनाकर जाम कर विरोध प्रकट किया।
उनकी मांग थी कि तीन कृषि कानून रद्द करने, गन्ना मूल्य 425 से 450 रुये करने, डीजल व पेट्रोल पर सब्सिडी देने, बिजली के दाम करने आदि मांगों को लेकर जाम लगाया। जाम के दौरान पुलिस कर्मियों व वाहन चालकों के साथ भी जमकर नोकझोंक हुई।
कार्यकर्ताओं ने सिर्फ एंबुलेंस, स्कूल बस, पुलिस वाहन व मरीज को लेकर जाने वाले वाहनों को नहीं रोका और उनको जाने दिया गया। बागपत राष्ट्र वंदना चौक पर कार्यकर्ताओं ने रस्सा बांधकर वाहनों का आवागमन बाधित किया। वहीं अधिवक्ताओं ने भी पहुंचकर भारत बंद को अपना समर्थन दिया।

