- मदरसा इस्लामिया अरबिया फैजुल कुरआन में हुआ आयोजित हुआ कार्यक्रम
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: कुरआन शरीफ हिफ्ज करने पर 8 मदरसा छात्रों की दस्तारबंदी की रस्म अदायगी की गई। इस मौके पर शब-ए-कद्र के उन्मान से रोशनी डाली गई। शब-ए-बरात व होली के पर्व अमन शांत व मोहब्बत के साथ मनाने का आह्वान किया गया। अहले इस्लाम से आह्वान किया गया कि वे शब-ए-बरात पर शोर शराबा न करे। इबादत कर त्यौहार मनाएं।

मल्हुपुरा केवलपुरी स्थित मदरसा इस्लामिया अरबिया फैजुल कुरआन में तलबा का दस्तारबंदी प्रोग्राम आयोजित हुआ। कारी दिलशाद अहमद ने बताया कि प्रोग्राम की शुरुआत कारी मो. जैद ने तिलावते कुरआन से की। उन्होंने बताया कि दो वर्ष से कोरोना के चलते मदरसा का सालाना इजलास नहीं हो पा रहा था।
इस बार आयोजित सालाना इजलास व दस्तारबंदी के कार्यक्रम में सभी तलबा को अधिक से अधिक मेहनत कर आगे बढने के लिए प्रेरित किया गया। कारी शायरे इस्लाम अब्बदुस्सलाम ने कुरआन और इस्लाम के मरतबे पर रोशनी डाली। कहा कि कुरआन अल्लाह की पाक किताब है, जिसे अल्लाह ने अपनी उम्मत के लिए नाजिल किया।
फरमाया कि दीन ए इस्लाम का फलसफा है कि लोग ने और पाक ओ पाकीजा जिंदगी गुजर बसर करें। जहां सब एक दूसरे की मदद के लिए तैयार रहें। अल्लाह की इबादत में जिंदगी गुजारें। शब-ए-बरात के अहकामात की भी जानकारी दी गई। होली के मौके को देखते हुए सभी से गुजारिश की गई कि बरादराने वतन के साथ सौहार्द और सहयोग की मिसाल पेश करें।
सदारत मौलाना जमशेद ने की। मौलाना मुफ्ती खलीलुर्रहमान, मो. जमशेद, मुफ्ती जाहिद, कारी अब्दुस्ससलाम, कारी शाहिद अरमान आदि शामिल रहे। दस्तारबंदी के फरायज मौलाना मो. हसन, मोलाना मो. जुबैर ने अंजाम फरमाए।

