जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को बेगुनाह बताया। अदालत ने मामले में बचाव पक्ष को सफाई साक्ष्य पेश करने के लिए 9 मार्च की तारीख तय की है।
करीब आधे घंटे तक कोर्ट कक्ष का दरवाजा बंद कर मानहानि मामले में धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चली। इस दौरान अदालत परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही। कोर्ट कक्ष से लेकर बाहर तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
MP-MLA कोर्ट में पेशी
राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से सुल्तानपुर पहुंचे और एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। बयान दर्ज कराने के लिए अदालत ने उन्हें यह अंतिम अवसर दिया था। दीवानी न्यायालय परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। पेशी से पहले डॉग स्क्वायड ने पूरे परिसर की जांच की। सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए एक एएसपी और चार सीओ समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा।
क्या है मामला?
यह मामला कर्नाटक में आयोजित एक प्रेसवार्ता से जुड़ा है, जहां राहुल गांधी पर अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। इस संबंध में जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता विजय मिश्र ने दीवानी अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया था, जिसकी सुनवाई जारी है।
इस मामले में राहुल गांधी 26 जुलाई 2024 को अदालत में पेश हुए थे। इसके बाद वह कई सुनवाई तिथियों पर अनुपस्थित रहे। 19 जनवरी को अनुपस्थित रहने पर अदालत ने उन्हें 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था। अब अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी, जब बचाव पक्ष अपनी ओर से साक्ष्य प्रस्तुत करेगा।

