- कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचे राकेश टिकैत हुए मीडिया से रूबरू
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत बुधवार दोपहर को मेरठ कमिश्नरी चौराहे पर अचानक पहुंचे। राकेश टिकैत भले ही दो पट्टी की चप्पल पहने लग्जरी गाड़ी में बैठकर यहां आए, लेकिन उन्होंने चाय की चुस्की लेते हुए मीडिया कर्मियों से रूबरू होकर सरकार पर तंज कसा वहीं किसान और और नौजवानों का पक्ष लेते हुए उनकी समस्या बयां की।
पत्रकारों द्वारा जब उनसे यहां आने का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि तीन दशक से अधिक पहले इसी कमिश्नरी चौराहे पर बाबा महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में एक बड़े आंदोलन के तहत किसानों ने शक्ति प्रदर्शन किया था, जो कई दिन तक जारी रहा। इसलिये मुझे इस स्थान की याद आई और सोचा कि देखकर आऊं कि यहां के पेड़ पौधों की क्या दशा है?
उन्होंने प्रदेश सरकार पर तंज कसा कि बाबा का बुलडोजर जरूर चले, लेकिन वे उस स्थान पर चले जिससे नौजवान खिलाड़ियों को और सुविधा मुहैया कराने के लिये स्टेडियम का निर्माण हो सके, जिससे वे ठोस प्रतिभा का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
इस पर जोर दिया कि किसानों का गन्ना व अन्य मदों का भुगतान भी डिजीटल होना चाहिए, किसान को आसानी हो। डिग्री लिये नौजवानों को सेना में भर्ती खोलने की भी मांग सरकार से की। दूसरी आने की वजह राकेश टिकैत ने यह भी बताई कि वह एक मामले में आईजी से भी मिलने आये हैं।
आईजी से मिलें राकेश टिकैत, पुलिस पर लगाए आरोप
मुजफ्फरनगर में रेस्टोरेंट मालिक के साथ मारपीट और जिला अस्पताल में तोडफोड़ के बाद जेल भेजे गए दस भाकियू कार्यकर्ताओं के मामले में बुधवार को राकेश टिकैत आइजी प्रवीण कुमार से मिले। उन्होंने पुलिस पर भाकियू कार्यकर्ताओं को झूठा फंसाने का आरोप लगाया है।
रेस्टोरेंट स्वामी और भाकियू कार्यकर्ता आपस में समझौता करना चाहते हैं, लेकिन पुलिस मामले को तूल देकर समझौता नहीं होने दे रही। आइजी ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। तितावी थानाक्षेत्र के धनसैनी गांव के रहने वाले भाकियू कार्यकर्ता सनी प्रधान, प्रदीप और जोनित का मंगलवार रात प्रकाश चौक पर स्थित रेस्टोरेंट के मालिक से खाना परोसने को लेकर विवाद हुआ और रेस्टोरेंट स्वामी की पिटाई कर दी।
पुलिस आरोपियों का मेडिकल कराने गई, जहां पर उन्होंने तोडफोड़ कर दी। पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज कर दस कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया। विरोध में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कोतवाली में सात घंटे तक धरना दिया था। टिकैत बुधवार को आइजी प्रवीण कुमार से मिले। उनका कहना था कि रेस्टोरेंट स्वामी और भाकियू कार्यकर्ता आपस में समझौता करना चाहते हैं।
दोनों को वहीं पर आपस में मिलकर रहना है। पुलिस समझौते को नहीं मान नहीं रही है। आइजी ने राकेश टिकैत को पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया। साथ ही बताया कि पूरे मामले की जांच पड़ताल करने के लिए एसएसपी मुजफफरनगर को आदेश दिए गए हंै।

