Thursday, March 26, 2026
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राकेश टिकैत को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी

  • पुलिस पहुंची राकेश टिकैत के घर, मामले की कर रही जांच
  • पहले भी मिल चुकी है धमकी, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
  • पुलिस पर लगाये संगीन आरोप, नम्बरों को सार्वजनिक करने की चेतावनी

जनवाणी संवाददाता |

मुजफ्फरनगर: किसान नेता व भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई है। फोनकर्ता ने राकेश टिकैत के साथ फोन पर गाली-गलौच भी की है। राकेश टिकैत ने मामले की शिकायत पुलिस से की है, जिसके बाद पुलिस में हड़कम्प मच गया। पुलिस ने राकेश टिकैत के घर पहुंचकर मामले की जांच की है।

गौरतलब है कि राकेश टिकैत भारतीय किसान यूनियन के नेता है और उन्होंने तीन कृषि कानून वापिस लिये जाने को लेकर किसानों के साथ गाजीपुर बार्डर में बड़ा आंदेालन किया था, जिसके बाद से वह सुर्खियों में आ गये थे। इस दौरान राकेश टिकैत की अनेक लोगों द्वारा मुखालफत भी की गई थी, परन्तु उनकी पोप्यूलरिटी लगातार बढ़ रही थी। किसानों में उनका बड़ा प्रभाव है।

राकेश टिकैत के फोन पर एक अज्ञात नम्बर से फोन आया, जिसने राकेश टिकैत के साथ गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की भी धमकी दी। राकेश टिकैत द्वारा इस मामले में पुलिस को सूचना दी गई। राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी की सूचना से पुलिस में हड़कम्प मच गया और तुरन्त उनके घर पहुंचकर मामले की जांच की, जहां पर राकेश टिकैत ने पुलिस को नम्बर व बातचीत की रिकाॅर्डिंग भी सुनवाई। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

राकेश टिकैत ने बताया कि उनके पास कई बार अज्ञात नम्बरों से फोन आ चुके हैं, जिसमें फोनकर्ताओं द्वारा गाली-गलौच करने के साथ ही जान से मारने की धमकी दी जाती है। पूर्व में भी जहां भी घटना घटित हुई, वहीं पुलिस में शिकायत दर्ज करायी गई, परन्तु पुलिस ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की है। इस बार भी पुलिस को सूचना दी गई है। यदि इस बार पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो वह धमकी देने वाले का नम्बर व रिकाॅर्डिंग सार्वजनिक कर देंगे।

राकेश टिकैत को धमकी दिये जाने के मामले को लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस समय रहते इस मामले को गंभीरता से नहीं लेती और धमकी देने वालों को गिरफ्तार कर उनकी मंशा नहीं जान लेती, तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे। किसानों ने कहा कि गिरफ्तारी न होने की दशा में किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी।

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