नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। ‘रामायण’ को लेकर चर्चाएं जितनी इसकी कहानी को लेकर नहीं हो रहीं, उससे कहीं अधिक इसके भारी-भरकम बजट को लेकर हो रही हैं। फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा के हालिया बयान ने इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट को सुर्खियों के केंद्र में ला दिया है। उनका कहना है कि ‘रामायण’ के दोनों पार्ट्स को मिलाकर इसका कुल बजट 4000 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है।
मार्केटिंग पर खर्च होंगे 1300 करोड़ रुपये
सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा यह है कि इस 4000 करोड़ के बजट में से करीब 1300 करोड़ रुपये केवल मार्केटिंग पर खर्च किए जाएंगे। मेकर्स का इरादा इस फिल्म को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने का है, जिससे इसे हॉलीवुड स्तर की ग्लोबल ब्लॉकबस्टर के रूप में पेश किया जा सके।
बताया जा रहा है कि यह रकम विदेशों में फिल्म के दोनों भागों के प्रमोशन, इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन और डिजिटल कैम्पेन्स पर खर्च की जाएगी। हालांकि अभी तक मेकर्स की ओर से इस बजट ब्रेकडाउन को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जैसे ही यह बजट चर्चा में आया, सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। एक पक्ष जहां इस प्रोजेक्ट के भव्य विजन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति को प्रस्तुत करने के प्रयास की सराहना कर रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इस सवाल को उठा रहा है कि इतने बड़े बजट की वसूली कैसे होगी?
कुछ यूज़र्स का कहना है कि अब फिल्म की कहानी और गुणवत्ता से ज्यादा चर्चा सिर्फ इसके खर्चों पर हो रही है, जो अंततः प्रोजेक्ट के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
क्या वाकई ‘रामायण’ बना पाएगी रिकॉर्ड?
तुलना के लिए, जेम्स कैमरून की ‘अवतार’ को करीब 2048 करोड़ रुपये में बनाया गया था और उसने बॉक्स ऑफिस पर करीब 8642 करोड़ रुपये की कमाई की थी। अब ‘रामायण’ उससे दुगने बजट में बन रही है — ऐसे में प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर चिंताएं जायज़ हैं।
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े जानकार मानते हैं कि इतना बड़ा निवेश तभी सही ठहराया जा सकता है, जब फिल्म न सिर्फ भारत में बल्कि दुनियाभर के बाजारों में धमाल मचाए।

