- दर्जा राज्यमंत्री संजीव सिक्का, अरविन्द मारवाड़ी और अधिवक्ता रमेश चंद गुप्ता का मामला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नाबालिग से सेक्स कांड के मामले में आरोप लगाने वाली किशोरी ने मंगलवार को यूटर्न ले लिया। पीड़िता ने न्यायालय पाक्सो एक्ट रामकिशोर पांडे की अदालत में पेश होकर कहा कि उसके साथ दुष्कर्म नहीं हुआ, बल्कि उसने किसी के बहकावे में आकर आरोपियों के खिलाफ बयान दिया था। दुष्कर्म के मामले को सिरे से नकार दिया। रेप पीड़िता ही नहीं, बल्कि मुकदमें के वादी ने भी बयान पलट दिया। पीड़िता और उसके भाई दोनों के विशेष न्यायाधीश अनन्य न्यायालय पाक्सो एक्ट में पेश होकर बयान दिये हैं।

बता दें, नाबालिग ने दर्जा राज्यमंत्री संजीव सिक्का, भाजपा के पूर्व महानगर उपाध्यक्ष अरविन्द मारवाड़ी और अधिवक्ता रमेश चंद गुप्ता पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इसका मुकदमा नाबालिग के भाई साहिल अरोरा ने दौराला थाने में दर्ज कराया था। इसके आधार पर अधिवक्ता रमेश चंद गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वर्तमान में रमेश चंद गुप्ता जेल में बंद हैं। अभी उसकी जमानत भी नहीं हुई हैं। ये बड़ा चर्चित मामला था, जिसमें भाजपा के नेता संजीव सिक्का और अरविन्द मारवाड़ी भी फंस गए थे।

अब पीड़िता के यूटर्न लेने के बाद तीनों आरोपियों को क्लीन चिट मिल गई हैं। हालांकि अभी अदालत ने किसी के भी पक्ष में कोई निर्णय नहीं दिया हैं, सिर्फ इसमें सुनवाई चल रही हैं। पीड़िता और उसके भाई के बयान अदालत में हुए हैं, इसके बाद कुछ पुलिस कर्मियों के बयान होंगे। इसके लिए 18 अक्टूबर को फिर से तारीख लगाई गयी हैं, जिसमें पुलिस कर्मियों को बयान देने के लिए बुलाया जाएगा।
पीड़िता ने जो अदालत में फिर से बयान दिये है, उसमें कहा है कि वह अपनी मर्जी से घुमने के लिए गई थी। उस पर किसी ने कोई दबाव नहीं बनाया। दुष्कर्म का कोई मामला नहीं हुआ हैं। कुछ लोगों के बहकावे में आकर ही अधिवक्ता और भाजपा नेताओं के खिलाफ बयान दिये गए थे। जिस तरह से युवती ने दुष्कर्म के मामले को सिरे से नकारा है, उससे स्पष्ट हो गया है तीनों आरोपियों को अदालत से क्लीन चिट मिल जाएगी।

