प्रदेश की योगी सरकार ने आम बजट में जहां वेस्ट यूपी का ख्याल रखा वहीं महाभारतकालीन पर्यटन स्थल हस्तिनापुर के विकास के लिये बेरुखी दिखा दी। यह हाल तब है जब महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल खुद हस्तिनापुर गई थी और विकास की बात की थी। सरकार ने सहारनपुर के शाकुंभरी मंदिर और मुजफ्फरनगर के शुक्रतीर्थ के लिये बजट की घोषणा की है। सरधना के सलावा में प्रस्तावित ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय के लिये 350 करोड़ रुपये आवंटित तो कर दिये गए, लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी नींव तक नहीं पड़ी। मेरठ से दिल्ली के लिये यातायात को तूफानी बनाने के लिये बजट भी बढ़ा दिया गया। मेरठ के युवा वकीलों को प्रोत्साहित करने के लिये बजट की घोषणा उत्साहजनक है। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भी 450 करोड़ प्रस्तावित किये हैं। डेयरी को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में जगह दी गई हैं। दम तोड़ती खांडसारी ईकाइयों को भी बजट में राहत दी गई हैं। एयरपोर्ट के लिए भी बजट में कुछ नहीं मिला।
- रैपिड: केन्द्र के बाद प्रदेश सरकार ने भी खोला खजाना
- उत्तर प्रदेश के बजट में 1306 करोड़ रुपये का प्रावधान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: देश की पहली सेमी हाई स्पीड रैपिड रेल के प्राथमिक खंड पर दौड़ने का समय जैसे जैसे नजदीक आता जा रहा है वैसे ही केन्द्र व प्रदेश सरकारों ने भी रैपिड के समय से संचालन के लिए अपने खजाने का मुंह खोल दिया है। बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में भी रैपिड के लिए 1306 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे पूर्व आए केन्द्रीय बजट में भी केन्द्र ने रैपिड के लिए 3596 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था।
एनसीआरटीसी के जनसम्पर्क अधिकारी पुनीत वत्स के अनुसार शीघ्र ही प्राथमिक खंड पर रैपिड का संचालन शुरू हो जाएगा। जबकि 2025 तक पूरे दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर रैपिड अपनी पूरी गति से दौड़ेगी। यूपी के बजट में 1306 करोड़ रुपये का प्रावधान होने से काम में और तेजी आने की उम्मीद है। उधर, रैपिड अधिकारियों के अनुसार इस समय प्राथमिक खंड पर ट्रेन दौड़ाने के लिए उसका विभिन्न गति पर ट्रायल चल रहा है।

एनसीआरटीसी ने घोषणा कर रखी है कि प्राथमिक खंड पर वो मार्च में रैपिड का सुचारु संचालन शुरू कर देगा। हालांकि अभी प्राथमिक खंड पर रैपिड के संचालन की कोई तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन रैपिड अधिकारी दावा कर रहे हैं कि टेस्टिंग कार्य पूरा होने के बाद जल्द ही तारीख का ऐलान कर दिया जाएगा।
एनसीआरटीसी अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक खंड पर कुल पांच स्टेशनों के बीच रैपिड दौड़ेगी। इन पांच स्टेशनों में दुहाई, दुहाई डिपो, गुलधर, साहिबाबाद व गाजियाबाद शामिल हैं। अधिकारियों ने दावा किया है कि इन पांचों स्टेशनों पर फाइनल टच दिया जा रहा है और वो जल्द ही संचालन के लिए तैयार होंगे।
खेल यूनिवर्सिटी के लिए बजट में 300 करोड़ देने की घोषणा
एक साल पहले पीएम मोदी ने मेरठ के सरधना क्षेत्र के सलावा में खेल यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी थी। जिसका बजट 855 करोड़ तय किया गया है, लेकिन इसके निर्माण कार्य के पहले चरण का काम बजट के अभाव में शुरू नहीं हो सका है। शिलान्यास से अभीतक एक भी र्इंट यूनिवर्सिटी स्थल पर नहीं रखी जा सकी है। अब यूपी सरकार ने खेल विश्वविद्यालय के लिए बजट में 300 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है।
सलावा में प्रदेश की पहली खेल यूनिवर्सिटी का निर्माण होना है। इससे न सिर्फ पश्चिम यूपी के खिलाड़ियों को नई सुविधाएं मिलेंगी बल्कि विभिन्न खेलोें के लिए उभरते खिलाड़ियों को प्रशिक्षण भी मिलेगा। साथ ही खेलों के लिए शिक्षकों समेत अन्य पदों पर भी स्टाफ की भर्तियां होनीं है। एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी यूनिवर्सिटी का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।

इसके पीछे बजट का न मिलना मुख्य कारण बताया जा रहा था, लेकिन बुधवार को यूपी सरकार द्वारा घोषित बजट में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के लिए 300 करोड़ का बजट देने की घोषणा सीएम द्वारा की गई है। पहले चरण का काम बजट मिलते ही शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। यूनिवर्सिटी का निर्माण 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन बजट मिलने में देरी की वजह से यह आगे बढ़ सकता है।
फिर हुई बजट में महाभारत कालीन हस्तिनापुर की अनदेखी
हस्तिनापुर: विधान सभा में पेश हुए बजट की उधेड़बुन में महाभारत कालीन तीर्थ नगरी हस्तिनापुर दिनभर उलझा रही। लोग दिन भर धर्मनगरी के लिए उम्मीदों का दामन फैलाएं रहे। जानकार बजट से हुए नफा नुकसान का आकलन करने में जुटे रहे, जबकि आम नागरिक यह जानने की कोशिश करता रहा कि आखिर ऐतिहासिक नगरी की झोली में क्या आया है?
किसी को बजट लाभदायक लगा तो किसी ने बजट की बारीकियों में हस्तिनापुर नगरी के फायदे ढूंढ़ने के प्रयास किये। भाजपा के नेता बजट को ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर के हित में बताते हुए 174 करोड़ रुपये की घोषणा होने की बात की है। बुधवार को बजट के दौरान होने वाली घोषणाओं में हस्तिनापुर की जनता को सीएम योगी आदित्यनाथ से उम्मीद थी कि हिंदू, सिख और जैन धर्म का होने के कारण तीर्थ नगरी हस्तिनापुर का विकास हरिद्वार की तर्ज पर किए जाने की घोषणा हो सकती है।

इसकी के साथ हस्तिनापुर को महाभारत सर्किट से जोड़ना, पर्यटकों के लिए होटल का निर्माण, गंगा किनारे तटबंध बनाये जाने से साथ मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण आदि कई घोषणाएं की जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ हस्तिनापुर नगरी को बजट में कुछ नहीं मिला। राज्यमंत्री दिनेश खटीक का कहना है कि इस बार हस्तिनापुर के लिए बजट में 174 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। जिसमें 100 करोड़ की लागत से सड़कों का चौड़ीकरण और 74 लाख की लागत से गंगा किनारे तटबंध बनाया जायेगा।

